कुवैत से 20 भारतीयों के शव पहुंचे कोचीन, ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले तमिलनाडु के कृष्णन भी शामिल
कुवैत में अपनी जान गंवाने वाले 20 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को केरल के कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच गए हैं। इनमें तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के रहने वाले 37 वर्षीय Santhanaselvam Krishnan का शव भी शामिल है। कृष्णन की मौत कुवैत में एक पानी के प्लांट पर हुए ड्रोन हमले में हुई थी। अन्य 19 भारतीयों की मौत अलग-अलग सामान्य कारणों और हादसों से हुई थी, लेकिन पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और संघर्ष की वजह से इन सभी के शवों को भारत लाने में काफी देरी हुई है।
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घटना और देरी से जुड़ी जरूरी बातें
- मृतकों की संख्या: कुवैत से कुल 20 भारतीयों के पार्थिव शरीर वापस लाए गए हैं।
- ड्रोन हमला: तमिलनाडु के कृष्णन की मौत कुवैत में एक वाटर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले के दौरान हुई थी।
- देरी की वजह: ईरान और खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच फरवरी के अंत से शुरू हुए तनाव के कारण शवों की वापसी में समय लगा।
- हवाई अड्डा: सभी शवों को बुधवार को विशेष व्यवस्था के तहत कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लाया गया।
- अन्य मृतक: कृष्णन के अलावा बाकी 19 भारतीयों की मौत प्राकृतिक कारणों और अन्य छोटे हादसों की वजह से हुई थी।
भारतीय दूतावास और सरकार की तरफ से उठाए गए कदम
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पूरे मामले में सक्रियता दिखाते हुए कुवैती अधिकारियों से संपर्क किया। भारत की राजदूत Paramita Tripathi ने खुद कुवैत के मुर्दाघर का दौरा किया और शवों को जल्द भारत भेजने के लिए वहां के अधिकारियों से मदद मांगी। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर महाजन ने जानकारी दी है कि खाड़ी देशों में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि संघर्ष के कारण वहां रहने वाले कामगारों को ज्यादा परेशानी न हो। मंत्रालय ने लापता चल रहे एक अन्य भारतीय नागरिक की तलाश के लिए भी कुवैत प्रशासन से सहयोग मांगा है।




