Bahrain News: बहरीन ने UN Security Council से की मांग, ईरान के हमलों पर तुरंत लिया जाए कड़ा फैसला
Bahrain ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) से अपील की है कि वह Iran के खिलाफ तत्काल और निर्णायक कदम उठाए। Bahrain का कहना है कि ईरान लगातार अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है और उसके पड़ोसी देशों पर हमले रुकने चाहिए। 1 अप्रैल 2026 को बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र को एक औपचारिक पत्र भेजकर ईरान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। यह पत्र बहरीन के उस मिशन का हिस्सा है जो क्षेत्र की सुरक्षा और शांति के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
Bahrain ने ईरान पर क्या आरोप लगाए हैं?
Bahrain ने सुरक्षा परिषद को जानकारी दी है कि 28 फरवरी 2026 से ईरान लगातार उकसावे वाली सैन्य कार्रवाई कर रहा है। Bahrain Defense Force के मुताबिक ईरान की तरफ से दागे गए मिसाइलों और ड्रोन की संख्या काफी अधिक है। बहरीन के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने कहा है कि ये हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन हैं।
- बहरीन की डिफेंस फोर्स ने अब तक 182 मिसाइलों को नष्ट किया है
- ईरान की ओर से दागे गए 398 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया
- ये हमले फरवरी के अंत से लगातार जारी हैं
- GCC देशों के साथ-साथ Jordan को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई
हमलों से किन नागरिक ठिकानों को है खतरा?
बहरीन की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के हमले केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं हैं। वह नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बना रहा है जिससे आम लोगों के जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र में बहरीन के राजदूत Jamal Fares Alrowaiei ने कहा कि ईरान को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों का पालन करना चाहिए। इन हमलों से प्रभावित होने वाले मुख्य क्षेत्रों की जानकारी नीचे दी गई है:
| प्रभावित क्षेत्र | विवरण |
|---|---|
| परिवहन | एयरपोर्ट और समुद्री बंदरगाह |
| ऊर्जा विभाग | तेल रिफाइनरी और बिजली प्लांट |
| नागरिक सुविधा | पानी साफ करने के प्लांट और होटल |
| आवासीय क्षेत्र | आम लोगों के घर और रिहायशी इलाके |
बहरीन ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुच्छेद 51 का उपयोग करने का अधिकार रखता है। 11 मार्च 2026 को पारित हुए प्रस्ताव 2817 में भी इन हमलों की निंदा की गई थी और ईरान से इन्हें रोकने को कहा गया था। बहरीन चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस दिशा में ठोस कदम उठाए ताकि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




