Kuwait Security Update: कुवैत में आसमान से गिरे मिसाइल के टुकड़े, सरकार ने जारी की चेतावनी और सुरक्षा निर्देश
कुवैत में पिछले 24 घंटों के दौरान आसमान से मिसाइलों और ड्रोन के मलबे गिरने की 13 नई घटनाएं सामने आई हैं। कुवैती सेना, गृह मंत्रालय और नेशनल गार्ड की टीमों ने इन टुकड़ों को सुरक्षित तरीके से हटा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने कुवैती हवाई क्षेत्र में घुसने वाली 3 क्रूज मिसाइलों और 15 ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है। इन घटनाओं के बीच स्थानीय लोगों और प्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।
कुवैत में अब तक कितनी घटनाएं हुई हैं और क्या है ताजा स्थिति?
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Nasser Bousleib ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों में 13 नई रिपोर्ट मिलने के बाद इस तरह की घटनाओं की कुल संख्या अब 629 तक पहुंच गई है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक फ्यूल टैंक को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई थी जिसे नाकाम कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि रक्षा प्रणालियों ने बाहरी खतरों को हवा में ही रोक दिया जिसके कारण जमीन पर केवल मलबा (shrapnel) गिरा है। इन ताजा घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है लेकिन कुछ जगहों पर मामूली संपत्ति का नुकसान हुआ है।
आम जनता और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश जारी किए गए हैं?
General Fire Force के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Mohammad Al-Gharib ने लोगों से बहुत सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि फायर फोर्स ने अब तक 90 ऐसी असामान्य घटनाओं को संभाला है जिनमें मलबे की वजह से आग लग गई थी। कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए प्रशासन ने कुछ जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं जिनका पालन करना जरूरी है।
- किसी भी संदिग्ध वस्तु या मलबे के पास न जाएं और न ही उसे हाथ लगाएं।
- ऐसी किसी भी चीज को देखने पर तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर फोन करें।
- बिना लाइसेंस वाले हथियार और विस्फोटक जमा करने के लिए दिया गया समय अब खत्म हो रहा है।
- मिसाइल के टुकड़े गिरने वाली जगहों से दूर रहें क्योंकि वहां रसायनों या धमाके का खतरा हो सकता है।
अरब आंतरिक मंत्रियों की परिषद ने भी खाड़ी देशों पर हो रहे इन हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा एजेंसियां हर स्थिति पर नजर रख रही हैं और लोगों को केवल आधिकारिक सूत्रों से मिलने वाली खबरों पर ही यकीन करना चाहिए।




