ब्रिटेन ने कुवैत की सुरक्षा के लिए तैनात किए काउंटर-ड्रोन सिस्टम, बढ़ते तनाव के बीच युद्ध में शामिल होने से किया इनकार
कुवैत में हाल के दिनों में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच ब्रिटेन ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। ब्रिटिश राजदूत कुदसी राशिद ने कुवैती सशस्त्र बलों के साहस की सराहना करते हुए कहा है कि ब्रिटेन कुवैत की रक्षा के लिए पूरी तरह साथ खड़ा है। ब्रिटेन ने साफ किया है कि वह कुवैत की सीमाओं की सुरक्षा के लिए आधुनिक सिस्टम उपलब्ध कराएगा, लेकिन किसी भी आक्रामक हमले का हिस्सा नहीं बनेगा। कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और भारतीय समुदाय के लिए भी यह सुरक्षात्मक कदम महत्वपूर्ण हैं ताकि वे क्षेत्र में सुरक्षित महसूस कर सकें।
ब्रिटेन की रक्षात्मक मदद और नए सैन्य इंतजाम क्या हैं?
ब्रिटिश सरकार ने कुवैत और अन्य खाड़ी देशों के लिए हवाई रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने का फैसला लिया है। ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली के अनुसार, कुवैत में विशेष काउंटर-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं ताकि आसमान से होने वाले खतरों से निपटा जा सके। राजदूत ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन केवल रक्षात्मक मिशनों में ही सहयोग देगा और किसी भी तरह के जवाबी हमले में शामिल नहीं होगा। ब्रिटेन का मुख्य उद्देश्य अपने सहयोगियों के बुनियादी ढांचे और नागरिकों की रक्षा करना है।
कुवैत पर हुए हमलों का विवरण और वर्तमान स्थिति क्या है?
कुवैत ने पिछले कुछ हफ्तों में अपनी हवाई सीमाओं पर हुए कई हमलों का डटकर सामना किया है। कुवैत के अमीर ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए देश की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार कुवैती सेना द्वारा विफल किए गए हमलों का विवरण इस प्रकार है:
| हमले का प्रकार | इंटरसेप्ट की गई संख्या |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइलें | 234 |
| ड्रोन (UAVs) | 423 |
| क्रूज मिसाइल | 1 |
ब्रिटेन ने ईरान द्वारा किए गए इन हमलों को क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा और गैर-जरूरी बताया है। ब्रिटिश सरकार का मानना है कि कूटनीति के जरिए ही इस तनाव को कम किया जाना चाहिए। राजदूत राशिद ने हमलों में जान गंवाने वाले सैन्य कर्मियों और नागरिकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है। ब्रिटेन और कुवैत के बीच बढ़ता यह रक्षा सहयोग क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए उठाया गया कदम है।




