Trump on Iran War: ईरान ने मांगी युद्धविराम की गुहार, ट्रंप बोले हमने वहां का सिस्टम पूरी तरह बदल दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर कई महत्वपूर्ण दावे किए हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान के नए शासन ने अमेरिका से युद्धविराम की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान का सिस्टम अब पूरी तरह बदल गया है और अमेरिकी सेना अपनी जरूरत के हिसाब से वहां कार्रवाई जारी रख सकती है। हालांकि ईरान की तरफ से इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है और क्षेत्र में सैन्य तनाव अभी भी बना हुआ है।
ट्रंप के दावों और ईरान की प्रतिक्रिया में क्या है विवाद?
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा कि ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा और न ही वह अब ऐसा चाहता है। उन्होंने यह भी शर्त रखी है कि युद्धविराम तभी संभव है जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह व्यापार के लिए खुला रहे। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के इन बयानों को झूठा और आधारहीन करार दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनकी सेना जंग जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है और पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।
युद्ध से जुड़े मुख्य अपडेट्स और सैन्य हलचल
पिछले 24 घंटों में इस पूरे विवाद से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं जिन्हें नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है।
- अमेरिकी सेना की तैनाती: अमेरिका ने विमानवाहक पोत USS George H.W. Bush और तीन विनाशक जहाजों को मध्य पूर्व में तैनात किया है।
- सैनिकों की वापसी: ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिकी सैनिक दो से तीन सप्ताह में वापस लौट सकते हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर दोबारा हमला किया जाएगा।
- होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि यह क्षेत्र उनके नियंत्रण में है और वे इसे दुश्मनों के लिए नहीं खोलेंगे।
- परमाणु क्षमता: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक ईरान के पास 440.9 किलोग्राम तक समृद्ध यूरेनियम मौजूद है।
- क्षेत्रीय हमले: कतर के एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ है और इजरायल ने भी लेबनान के इलाकों में हवाई हमले किए हैं।





