भारत में शुरू हुई दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना, 95 साल बाद फिर से गिने जाएंगे जाति के आंकड़े
भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से देश की 16वीं जनगणना के पहले चरण की शुरुआत कर दी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी आबादी की गिनती है और आजादी के बाद यह 8वां अवसर है जब जनगणना की जा रही है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है क्योंकि लगभग एक सदी के बाद इसमें जातिगत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से होगी जिससे डेटा की सुरक्षा और तेजी सुनिश्चित की जा सकेगी।
जनगणना के चरण और समय सीमा क्या है?
इस बार की जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में घरों की गिनती और वहां मौजूद सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी, जबकि दूसरे चरण में लोगों की गिनती होगी। बर्फबारी वाले इलाकों जैसे लद्दाख और कश्मीर के लिए अलग समय तय किया गया है।
| चरण | समय सीमा | विवरण |
|---|---|---|
| पहला चरण (HLO) | 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 | मकानों की सूची और हाउसिंग जनगणना |
| सेल्फ-एन्यूमरेशन | 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 | लोग खुद डिजिटल पोर्टल पर जानकारी दे सकेंगे |
| दूसरा चरण | फरवरी 2027 | जनसंख्या की गिनती और जाति जनगणना |
| बर्फबारी वाले इलाके | सितंबर 2026 | लद्दाख, कश्मीर और हिमाचल जैसे क्षेत्र |
| संदर्भ तिथि | 1 मार्च 2027 | जनसंख्या गणना की मुख्य तिथि |
इस बार क्या नया है और डेटा कितना सुरक्षित है?
यह भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है जिसमें मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और इसे किसी भी निजी संस्था या कानून प्रवर्तन एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा। केंद्रीय मंत्रियों ने इसे सामाजिक न्याय के लिए एक बड़ा कदम बताया है।
- पहले चरण में मकान की स्थिति और सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे।
- जाति की गिनती दूसरे चरण यानी फरवरी 2027 में की जाएगी।
- लगभग 30 लाख से ज्यादा कर्मचारी और सरकारी शिक्षक इस काम में लगाए गए हैं।
- रजिस्ट्रार जनरल Mritunjay Kumar Narayan ने लोगों से सही जानकारी देने की अपील की है।
- गृह मंत्री Amit Shah ने जाति गणना के फैसले को ऐतिहासिक बताया है।
- रेलवे मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा कि इससे समाज का आर्थिक ढांचा मजबूत होगा।




