Lebanon News: लेबनान ने इज़राइल के खिलाफ यूरोपीय संघ को सौंपा विरोध पत्र, पत्रकारों पर हमले को लेकर दी बड़ी चेतावनी
लेबनान के सूचना मंत्री Paul Morcos ने 1 अप्रैल 2026 को यूरोपीय संघ (EU) और वहां के राजदूतों को एक आधिकारिक विरोध पत्र सौंपा है। यह कदम इज़राइली सेना द्वारा पत्रकारों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के विरोध में उठाया गया है। कुवैत न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, लेबनान सरकार ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन माना है और इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
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किन किन लोगों और संस्थानों को बनाया गया निशाना?
मंत्री Morcos द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि इज़राइली हमलों में न केवल पत्रकारों बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है। लेबनान सरकार ने इन हमलों का पूरा ब्यौरा तैयार किया है जिसमें निम्नलिखित जानकारियां शामिल हैं:
- इन हमलों में Hussein Hammoud, Mohammed Sherri, Ali Shuaib और Fatima Ftouni जैसे पत्रकारों को निशाना बनाया गया।
- अस्पतालों, एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों पर करीब 70 बार हमले होने की खबर है।
- कुल 9 अस्पतालों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से 5 अस्पताल अब पूरी तरह सेवा से बाहर हो गए हैं।
- लेबनान ने इन घटनाओं को मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारिता के मिशन के खिलाफ एक बड़ा युद्ध अपराध करार दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या कार्रवाई कर रहा है लेबनान?
लेबनान के सूचना मंत्री ने स्पष्ट किया है कि वे इस पूरे मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। मंत्री Morcos के अनुसार पत्रकारों पर हमला करना 1949 के जेनेवा कन्वेंशन और 1977 के अतिरिक्त प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है।
यूरोपीय संघ की राजदूत Sandra De Waele के साथ हुई बैठक में लेबनान ने इन सभी सबूतों को पेश किया है। लेबनान का विदेश मंत्रालय अब इन दस्तावेज़ों के आधार पर दुनिया भर के बड़े देशों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग कर रहा है। सरकार का कहना है कि मीडिया कर्मियों को सुरक्षा देना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अनिवार्य है और इसका पालन हर हाल में होना चाहिए।




