Israel पर Iran ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, ताज़ा हमले में किसी की जान जाने की खबर नहीं
ईरान और इस्राइल के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है और 2 अप्रैल 2026 को ईरान ने इस्राइल पर कई मिसाइलें दागी हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस ताज़ा हमले में फिलहाल किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं मिली है। इस्राइल के मध्य और उत्तरी इलाकों के साथ-साथ यरुशलम में भी खतरे के सायरन बजाए गए। हालांकि इस हमले से पहले हुई झड़पों में कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
मिसाइल हमले के बाद क्या है मौजूदा हालात?
ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के बाद इस्राइल के कई इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, बनेई ब्राक में एक क्लस्टर वॉरहेड गिरने से पानी की मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि इस विशिष्ट हमले में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है। इससे पहले बुधवार को हुए हमलों में तेल अवीव के पास 14 लोग घायल हुए थे, जिनमें एक 11 साल की बच्ची भी शामिल थी जिसकी हालत अभी गंभीर बनी हुई है। उत्तर में भी लेबनान की तरफ से हुई गोलाबारी में एक व्यक्ति को चोटें आई थीं।
क्षेत्र में अन्य देशों और संगठनों की क्या है भूमिका?
इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका और यमन के हूती विद्रोही भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। इस मामले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां नीचे दी गई हैं:
- अमेरिका की प्रतिक्रिया: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लेकर देश को संबोधित किया और ईरानी सेना की क्षमताओं को कम करने का दावा किया।
- हूती विद्रोहियों का दावा: यमन के ईरान समर्थक हूती गुट ने इस्राइल पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है और कहा कि यह ईरान और हिजबुल्लाह के साथ मिलकर किया गया हमला था।
- डिफेंस सिस्टम: इस्राइली सेना ने यमन से आती हुई एक मिसाइल को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया था।
- इमरजेंसी सर्विस: इस्राइल की मेडिकल टीम और मगेन डेविड अडोम (MDA) लगातार घायलों की निगरानी कर रहे हैं।
क्या इस युद्ध के रुकने की कोई संभावना है?
अमेरिकी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल ईरान की सरकार अमेरिका और इस्राइल के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत करने के मूड में नहीं दिख रही है। ईरानी सेना ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी और इस्राइली ठिकानों पर नए ड्रोन और मिसाइल हमलों की चेतावनी दी है। इस्राइल की डिफेंस फोर्स ने साफ किया है कि वे हर तरह के खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं और अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है।




