Donald Trump का बड़ा दावा, 32 दिन की सैन्य कार्रवाई के बाद अब खतरा नहीं रहा ईरान, ऑपरेशन ‘Epic Fury’ सफल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम एक संबोधन में बताया है कि ईरान अब मिडिल ईस्ट के लिए खतरा नहीं रहा। उन्होंने 32 दिनों तक चले सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की सफलता का दावा किया है। ट्रंप ने इस ऑपरेशन की तुलना पहले विश्व युद्ध के दौरान हुई बड़ी लड़ाइयों से की है। उनके अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य शक्ति को काफी कमजोर कर दिया है और अब वहां के हालात बदल गए हैं।
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क्या थे इस सैन्य ऑपरेशन के मुख्य लक्ष्य?
व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का मकसद ईरान की सैन्य ताकत को खत्म करना था। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में ईरान की नौसेना और मिसाइल बनाने वाले ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
- अमेरिकी सेना ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल भंडार को निशाना बनाया।
- ईरान की नौसेना को पूरी तरह से नष्ट करने का दावा किया गया है।
- ड्रोन और मिसाइल लॉन्च करने की ईरान की क्षमता अब काफी कम हो गई है।
- अमेरिका ने स्पष्ट किया कि मुख्य रणनीतिक लक्ष्य अब पूरे होने के करीब हैं।
ईरान ने ट्रंप के दावों पर क्या कहा?
ईरान सरकार ने राष्ट्रपति ट्रंप के इन बयानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ट्रंप का सीजफायर यानी युद्ध विराम वाला दावा बिल्कुल गलत और बेबुनियाद है। ईरान ने साफ किया है कि उन्होंने अमेरिका से बातचीत का कोई अनुरोध नहीं किया है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है।
| महत्वपूर्ण जानकारी | विवरण |
|---|---|
| ऑपरेशन का नाम | Operation Epic Fury |
| कार्रवाई की अवधि | 32 दिन |
| अमेरिकी राष्ट्रपति | Donald Trump |
| बाजार पर असर | कच्चे तेल के दाम बढ़े |
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद शासन बदलना नहीं था, लेकिन ईरान के पुराने नेताओं की जगह अब एक नया और कम कट्टरपंथी समूह सामने आया है। हालांकि ईरान की ओर से अभी भी जवाबी हमलों की खबरें आ रही हैं और उन्होंने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है।




