Kuwait New Rule: कुवैत सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब जरूरी सामानों की कीमतों को काबू में रखने के लिए खुद देगी पैसा
कुवैत सरकार ने देश में जरूरी सामानों की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने और बाजार में कीमतों को स्थिर रखने के लिए एक नया आदेश जारी किया है। 2 अप्रैल 2026 को लागू हुए इस नए नियम के तहत सरकार उन कंपनियों को आर्थिक सहायता देगी जो जरूरी सामानों का आयात करती हैं और उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। इस फैसले से कुवैत में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों को बढ़ती महंगाई से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सप्लाई चेन में आ रही वैश्विक बाधाओं के बीच सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
कुवैत सरकार के इस नए फैसले की मुख्य बातें
कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री Osama Boodai ने पुष्टि की है कि आयात करने वाली कंपनियों को होने वाले एक्स्ट्रा खर्च का बोझ अब सरकार उठाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि सामान महंगा होने के बावजूद ग्राहकों के लिए कीमतें नहीं बढ़ेंगी। प्रधानमंत्री HH Sheikh Ahmad Al-Abdullah Al-Ahmad Al-Sabah ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे देश के स्टॉक को मजबूत रखें और सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट न आने दें। कस्टम विभाग ने भी हवाई यातायात में बदलाव को देखते हुए नया लॉजिस्टिक प्लान लागू कर दिया है ताकि सामान की कमी न हो।
हाल के दिनों में उठाए गए जरूरी कदम और तारीखें
| तारीख | लिया गया फैसला या कार्रवाई |
|---|---|
| 2 अप्रैल 2026 | आयात के अतिरिक्त खर्च को कवर करने के लिए नया सरकारी आदेश जारी |
| 25 मार्च 2026 | प्रधानमंत्री ने स्टॉक और सप्लाई चेन की समीक्षा के लिए बैठक की |
| 23 मार्च 2026 | कस्टम विभाग ने एयर कार्गो के लिए इमरजेंसी प्लान शुरू किया |
| 15 मार्च 2026 | सहकारी समितियों ने बाजार में सामान की पर्याप्त उपलब्धता की पुष्टि की |
| 5 मार्च 2026 | कुवैत ने खाने-पीने की चीजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया |
| मार्च 2026 | मेडिकल सप्लाई और ताजी सब्जियों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए गए |
अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे घबराकर सामान का भंडारण न करें। Ministry of Social Affairs और Union of Consumer Cooperative Societies ने साफ किया है कि बाजार में पर्याप्त मात्रा में अनाज, दवाइयां और अन्य जरूरी वस्तुएं उपलब्ध हैं। कुवैत कस्टम विभाग ने अपनी परिचालन क्षमता बढ़ा दी है ताकि बंदरगाहों और अन्य रास्तों से आने वाले माल को तुरंत क्लियर किया जा सके। सरकार इन सभी कदमों के जरिए यह सुनिश्चित कर रही है कि घरेलू बाजार पर बाहरी हालातों का बुरा असर न पड़े।




