इजरायल का तेहरान पर बड़ा हमला, सऊदी और UAE ने भी रोकी मिसाइलें, खाड़ी में बढ़ा तनाव
इजरायली सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई 2 अप्रैल 2026 को हुई है जिसमें ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया। इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ किया है कि ईरान की ओर से होने वाली मिसाइल बारी को देखते हुए इस सैन्य अभियान को और भी ज्यादा विस्तार दिया जाएगा।
इजरायल और ईरान के बीच हमले को लेकर ताजा स्थिति
इजरायल की सेना का दावा है कि उन्होंने तेहरान में ईरान के रक्षा तंत्र को काफी नुकसान पहुंचाया है। इस हमले के बाद ईरान की सेना ने भी कड़ी चेतावनी जारी की है और अमेरिका व इजरायल पर पलटवार करने की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने इस बढ़ते सैन्य तनाव पर चिंता जताई है और दोनों देशों से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है। फिलहाल क्षेत्र में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और सैन्य गतिविधियां जारी हैं।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर पड़ने वाला असर
खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां यात्रा करने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है। इस तनाव के बीच कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं:
- सऊदी अरब ने अपने क्षेत्र में आने वाले 5 ड्रोन और 1 बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही मार गिराया है।
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी ईरानी मिसाइल और ड्रोन खतरों को सफलतापूर्वक रोका है।
- कतर में एक तेल टैंकर पर मिसाइल लगने की जानकारी सामने आई है।
- ब्रिटिश सेना ने भी इस दौरान 10 से ज्यादा ईरानी ड्रोन को आसमान में ही नष्ट कर दिया है।
- इराक में स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को अगले 48 घंटों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।
युद्ध के बीच बचाव और सुरक्षा के लिए किए गए दावे
| देश/संस्था | मुख्य कार्रवाई और दावा |
|---|---|
| इजरायल | तेहरान में बड़े ठिकानों पर हमला और एयर डिफेंस को निशाना बनाया |
| ईरान | अमेरिका और इजरायल को भविष्य में विनाशकारी हमले की चेतावनी दी |
| सऊदी और UAE | अपनी हवाई सीमा में घुसने वाले ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट किया |
| अमेरिका | आने वाले 3 हफ्तों तक कड़े हमले जारी रखने का ऐलान किया |
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह समय काफी संवेदनशील है। हवाई यातायात और समुद्री रास्तों पर इस युद्ध का सीधा असर पड़ सकता है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी संबंधित एम्बेसी के निर्देशों का पालन करें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।




