Strait of Hormuz को लेकर फ्रांस ने बुलाई बड़ी मीटिंग, G7 और खाड़ी देशों के साथ मिलकर बनेगा नया प्लान
फ्रांस ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अगले हफ्ते एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस मीटिंग में दुनिया के ताकतवर G7 देशों के साथ-साथ खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों को भी आमंत्रित किया गया है। बैठक का मुख्य एजेंडा Strait of Hormuz में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और वहां से गुजरने वाले समुद्री जहाजों के लिए रास्ता सुरक्षित बनाना है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रास्तों पर सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
बैठक में कौन-कौन से देश शामिल होंगे और क्या है इसका उद्देश्य?
फ्रांस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पास्कल ने इस बैठक की जानकारी दी है। इस मीटिंग में शामिल होने वाले देशों और मुख्य उद्देश्यों की जानकारी नीचे दी गई है:
- मेजबान देश: फ्रांस इस पूरी बैठक की मेजबानी करेगा।
- G7 सदस्य: कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका इसमें हिस्सा लेंगे।
- खाड़ी देश: सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन जैसे GCC देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
- मुख्य मुद्दा: Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा और वहां हमलों को रोकना।
- लक्ष्य: समुद्री व्यापार के लिए पूरी तरह सुरक्षित और टोल-फ्री रास्ता बहाल करना।
Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के अनुसार समुद्री रास्तों की सुरक्षा एक साझा अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है। G7 देशों ने पहले ही एक साझा बयान में कहा है कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए। बैठक में इस बात पर भी चर्चा होगी कि एक अंतरराष्ट्रीय मिशन के जरिए जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित कैसे रखा जाए। हालांकि, यह मिशन तब पूरी तरह काम शुरू करेगा जब क्षेत्र में चल रही मौजूदा लड़ाई खत्म हो जाएगी। ब्रिटेन भी इसी मुद्दे पर लगभग तीन दर्जन देशों के साथ एक अलग वर्चुअल मीटिंग करने की योजना बना रहा है।
खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों पर क्या होगा इसका असर?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे जरूरी व्यापारिक रास्तों में से एक है जहां से बड़े पैमाने पर तेल और गैस की सप्लाई होती है। अगर यह रास्ता सुरक्षित रहता है तो खाड़ी देशों में महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी। भारत जैसे देशों के लिए यह रास्ता काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां से बड़ी मात्रा में सामान खाड़ी देशों में आता है और तेल भारत जाता है। सुरक्षित समुद्री रास्ता होने से व्यापार सुचारू रूप से चलता रहेगा जिसका सीधा फायदा खाड़ी में काम करने वाले प्रवासियों और उनके रोजगार की स्थिरता पर पड़ेगा।




