US President Threat: अमेरिका ने दी ईरान को पत्थर युग में भेजने की धमकी, ईरान बोला- हमारे पास हथियारों का गुप्त भंडार
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जुबानी जंग अब गंभीर सैन्य खतरे में बदल गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना ईरान पर इतनी जोर से हमला करेगी कि वह देश पत्थर युग में वापस चला जाएगा। इस धमकी के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और ईरान ने इसे युद्ध अपराध की मंशा बताया है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर अमेरिका और इजरायल पर बड़े हमलों की बात कही है।
राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी और ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिकी बल अगले दो से तीन हफ्तों तक ईरान पर कड़ा प्रहार जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर 6 अप्रैल तक होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया जाएगा। ईरान ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सभ्यता 7,000 साल पुरानी है और अमेरिका की ऐसी बातें उसकी ताकत नहीं बल्कि अज्ञानता को बताती हैं। ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि उनके पास कई गुप्त स्थानों पर हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा मौजूद है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते खतरे और ताज़ा हालात
इस तनाव का असर अब पड़ोसी देशों और पूरे क्षेत्र पर दिखने लगा है। पिछले 24 घंटों में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं जो सुरक्षा की स्थिति को और बिगाड़ रही हैं।
- सऊदी अरब में ड्रोन हमला: सऊदी अरब ने गुरुवार सुबह चार ईरानी ड्रोन्स को मार गिराने की जानकारी दी है।
- बगदाद में अलर्ट: बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने अगले 24 से 48 घंटों के भीतर सशस्त्र समूहों द्वारा हमले की चेतावनी जारी की है।
- तेहरान में हमला: ईरान के वरिष्ठ नीति अधिकारी कमल खराज़ी के घर पर हवाई हमला हुआ है, जिसमें उनकी पत्नी की मौत हो गई और वह खुद गंभीर रूप से घायल हो गए।
- हूती विद्रोहियों की भूमिका: यमन के हूती गुट ने भी अमेरिका और इजरायल के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों में शामिल होने की बात कही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की अपील
दुनिया भर के नेताओं ने इस बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, इसलिए सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोका जाना चाहिए। आयरलैंड और फ्रांस के नेताओं ने भी ट्रंप की भाषा को गलत बताया है और नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया है। ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिकी जनता को एक पत्र लिखकर कहा है कि उनका सामान्य अमेरिकियों से कोई झगड़ा नहीं है। फिलहाल खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के बीच भी इस तनाव को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।




