ईरान और ओमान मिलकर हॉर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) के लिए एक नया समुद्री प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं. इस नए नियम के लागू होने से खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा. फिलहाल इस रास्ते से होने वाला ट्रैफिक आम दिनों के मुकाबले 95 प्रतिशत तक गिर चुका है और अब ईरान अपनी शर्तों पर इसे संचालित करने की तैयारी में है. इस फैसले का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और खाड़ी देशों में सामान की सप्लाई पर पड़ेगा.

हॉर्मुज की खाड़ी के लिए क्या हैं नए नियम और शर्तें

  • जहाजों को अब अपनी क्रू लिस्ट, सामान की जानकारी और सफर का पूरा प्लान ईरानी अधिकारियों को देना होगा.
  • ईरान की संसद ने उन जहाजों पर टोल टैक्स लगाने का फैसला किया है जो इस रास्ते का इस्तेमाल करेंगे.
  • अमेरिका, इसराइल और ईरान पर पाबंदी लगाने वाले देशों के जहाजों की एंट्री पर पूरी तरह रोक रहेगी.
  • ईरान की सेना (IRGC) इस रास्ते की निगरानी करेगी और नियमों का पालन न करने वाले जहाजों को वापस भेजा जाएगा.
  • गैर-दुश्मन देशों के जहाज ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर इस रास्ते से गुजर सकेंगे.

इस फैसले से आम आदमी और व्यापार पर क्या असर होगा

हॉर्मुज की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है जहां से बड़े पैमाने पर तेल और गैस की सप्लाई होती है. ईरान के इस कड़े रुख से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं. ब्रिटेन और 35 अन्य देश इस रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए कूटनीतिक कोशिशें कर रहे हैं. वहीं बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद के जरिए जहाजों की सुरक्षा का प्रस्ताव रखा था लेकिन रूस और चीन जैसे देशों ने इस पर आपत्ति जताई है. ईरान का कहना है कि भविष्य में इस रास्ते का नियंत्रण केवल ईरान और ओमान के पास रहेगा और किसी बाहरी ताकत का इसमें कोई रोल नहीं होगा.

मुख्य जानकारी मौजूदा स्थिति
ट्रैफिक में कमी पहले के मुकाबले 95% कम जहाजों की आवाजाही
टैक्स का नियम 31 मार्च से मर्चेंट शिप पर टोल टैक्स को मंजूरी
बैन वाले देश अमेरिका और इसराइल से जुड़े जहाजों पर पाबंदी
निगरानी बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)