Bahrain Warning on Iran: बहरीन ने दी बड़ी चेतावनी, ईरान की हरकतों से दुनिया में खाने और तेल की मचेगी किल्लत, UN में पहुंचा मामला.
बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल ज़ायनी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ईरान को लेकर एक बहुत बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा सुरक्षा, खाने-पीने की चीज़ों की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार खतरे में पड़ गया है। यह खबर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के लिए काफी गंभीर है क्योंकि इसका सीधा असर रोज़मर्रा की ज़रूरतों और महंगाई पर पड़ सकता है।
ईरान की हरकतों से किन चीज़ों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर?
बहरीन के विदेश मंत्री के अनुसार ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी दे रहा है जो कि व्यापार और तेल शिपमेंट के लिए एक बहुत ही ज़रूरी समुद्री रास्ता है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई रुक जाएगी जिससे पेट्रोल-डीज़ल के दाम हर देश में बढ़ जाएंगे। इसके अलावा सप्लाई चेन में रुकावट आने से खेती के लिए ज़रूरी खाद (Fertilizer) की कमी हो रही है जिससे पूरी दुनिया में अनाज का संकट पैदा होने का डर है।
बहरीन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब क्या कदम उठा रहे हैं?
बहरीन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े कदम उठाए हैं और आने वाले समय में कुछ और फैसले होने वाले हैं:
- बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र में एक नया ड्राफ्ट प्रस्ताव पेश किया है जिस पर 3 अप्रैल 2026 को वोटिंग होने की उम्मीद है।
- G7 देशों ने भी बहरीन का साथ देते हुए ऊर्जा सप्लाई की सुरक्षा करने और ईरान के हमलों का मुकाबला करने का वादा किया है।
- सऊदी अरब में हुई एक विशेष मीटिंग में अरब और इस्लामी देशों ने ईरान के इन कदमों की निंदा की है।
- बहरीन ने अपने नागरिकों को सुरक्षा के लिहाज़ से ईरान से तुरंत वापस लौटने की सलाह दी है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पहले ही ईरान के हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मान चुकी है।
आम आदमी और प्रवासियों पर इसका क्या प्रभाव होगा?
अगर ईरान और खाड़ी देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर सीधा आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। खाड़ी देशों से होने वाले व्यापार में रुकावट आने से सामान महंगा हो सकता है और भारत जैसे देशों में तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है। बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए भी यह सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। फिलहाल बहरीन सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खतरे को टालने के लिए कोशिशें कर रही है।




