Saudi Arabia Makkah Airport: मक्का में बनेगा अपना इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हज और उमराह यात्रियों को अब मिलेगी सीधी फ्लाइट.
सऊदी अरब ने मक्का शहर के विस्तार के लिए अल-फैसलिया (Al-Faisaliyah) नाम के एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि मक्का में अब अपना खुद का इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एक समुद्री बंदरगाह (Seaport) बनाया जाएगा. रॉयल कमीशन फॉर मक्का सिटी (RCMC) ने इस बात की पुष्टि की है कि एयरपोर्ट के लिए जरूरी स्टडी पूरी हो चुकी है और इसके लिए निवेश की दिशा भी तय कर दी गई है. यह प्रोजेक्ट मक्का आने वाले करोड़ों जायरीनों के सफर को पहले से कहीं ज्यादा आसान और आरामदायक बना देगा.
मक्का के नए एयरपोर्ट और अल-फैसलिया प्रोजेक्ट में क्या है खास?
यह प्रोजेक्ट मक्का की सीमा से शुरू होकर लाल सागर के किनारे तक फैला होगा. यहाँ इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कुछ मुख्य बातें दी गई हैं जो आपको जाननी चाहिए:
| मुख्य बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| कुल इलाका | 2,354 वर्ग किलोमीटर |
| अनुमानित लागत | करीब 25 अरब डॉलर |
| एयरपोर्ट की स्थिति | हरम की सीमा से बाहर (धार्मिक नियमों के कारण) |
| सुविधाएं | एयरपोर्ट, बंदरगाह, सरकारी ऑफिस और रिसर्च सेंटर |
इस एयरपोर्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह न केवल मक्का के लोगों की जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि हज और उमराह पर आने वाले करोड़ों यात्रियों को भी सीधी कनेक्टिविटी देगा. इससे जेद्दा के एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव कम होगा.
यात्रियों और वहां रहने वाले प्रवासियों को क्या फायदे होंगे?
इस बड़े प्रोजेक्ट के आने से आम यात्रियों और वहां काम करने वाले लोगों की जिंदगी में कई बदलाव आएंगे. इसके कुछ बड़े फायदे नीचे दिए गए हैं:
- सफर में बचत: मक्का आने वाले यात्रियों को अब जेद्दा से लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, वे सीधे मक्का के पास उतर सकेंगे.
- ट्रांसपोर्ट की सुविधा: यह नया शहर और एयरपोर्ट सीधे हरमैन हाई-स्पीड ट्रेन, ट्राम और बस नेटवर्क से जुड़ा होगा जिससे आवाजाही बहुत सस्ती और तेज हो जाएगी.
- नौकरी के मौके: 65 लाख लोगों के रहने के लिए बन रहे इस शहर में आने वाले सालों में रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे, जिसका सीधा फायदा वहां रहने वाले प्रवासियों को मिलेगा.
- आधुनिक सुविधाएं: इस प्रोजेक्ट में नए घर, अस्पताल, बाजार और स्कूल भी शामिल होंगे, जिससे यह एक पूरी तरह से विकसित शहरी इलाका बन जाएगा.
प्रिंस खालिद अल-फैसल ने इस विजन की शुरुआत 2017 में की थी और अब इसके आर्थिक और रणनीतिक रास्तों को आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है. यह पूरा प्रोजेक्ट साल 2050 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है.




