Israel पर ईरान का बड़ा मिसाइल हमला, Tel Aviv में मची अफरातफरी, सऊदी और UAE ने भी मार गिराए ईरानी ड्रोन
2 अप्रैल 2026 को ईरान की तरफ से इसराइल पर मिसाइलों का नया हमला किया गया है जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद ईरान ने यह कदम उठाया है। इस हमले के दौरान इसराइल के कई बड़े शहरों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपने आसमान में ईरानी ड्रोन और अन्य खतरों को नाकाम करने की पुष्टि की है।
इस मिसाइल हमले के बाद इसराइल में कितना नुकसान हुआ है?
इसराइल की सेना ने कन्फर्म किया है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से आ रही मिसाइलों का मुकाबला किया है। तेल अवीव के पास मिसाइलों के मलबे गिरने से चार लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। बेनी ब्रैक शहर में एक ईरानी मिसाइल गिरने से वहां का वाटर नेटवर्क पूरी तरह खराब हो गया है जिससे पानी की सप्लाई पर असर पड़ा है। इसके अलावा रामत गन में भी इमारतों को मामूली नुकसान पहुंचा है। लेबनान की तरफ से हिज़बुल्लाह ने भी उत्तरी इसराइल में ड्रोन और रॉकेट से हमले किए हैं जिससे सीमावर्ती इलाकों में खतरा बढ़ गया है।
विभिन्न देशों और अधिकारियों के ताज़ा बयान और कार्रवाई
| देश/संस्था | ताज़ा स्थिति और कार्रवाई |
|---|---|
| अमेरिका (Donald Trump) | ईरान को कड़े हमले की चेतावनी दी और कहा कि सैन्य लक्ष्य पूरे होने वाले हैं। |
| ईरान (Foreign Ministry) | अमेरिकी सीजफायर प्रस्ताव को खारिज किया और मजबूती से लड़ने की बात कही। |
| सऊदी अरब | रक्षा मंत्रालय ने 2 अप्रैल की सुबह 4 ईरानी ड्रोनों को मार गिराने की पुष्टि की। |
| UAE | यूएई एयर डिफेंस ने अपने क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन खतरों का जवाब दिया। |
| हिज़बुल्लाह | उत्तरी इसराइल में सैनिकों और गांवों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए। |
क्या बातचीत के जरिए समाधान निकलने की कोई उम्मीद है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह तब तक युद्धविराम पर विचार नहीं करेंगे जब तक ईरान होरमुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित निकलने का रास्ता साफ नहीं कर देता। दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्रालय ने वॉशिंगटन के प्रस्तावों को तर्कहीन बताया है और कहा है कि उनके पास लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ईरान और अमेरिका के बीच अभी कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है और संदेश भेजने के लिए पाकिस्तान का सहारा लिया जा रहा है। इसी बीच चीन ने इस पूरे तनाव और समुद्री रास्ते के बंद होने के लिए अमेरिका और इसराइल के हमलों को ज़िम्मेदार ठहराया है।




