यमन से इसराइल पर दागी गई मिसाइल, हूतियों ने ली हमले की जिम्मेदारी, सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया.
2 अप्रैल 2026 को यमन के हूती विद्रोहियों ने इसराइल की तरफ एक मिसाइल दागी जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस हमले के बाद इसराइल के कई हिस्सों में खतरे के सायरन बजने लगे और लोग फौरन सुरक्षित जगहों की तरफ भागे। इसराइली सेना ने समय रहते इस मिसाइल को हवा में ही पहचान लिया और अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से इसे नष्ट कर दिया। हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे इसराइल के खिलाफ अपना तीसरा बड़ा ऑपरेशन बताया है।
हमले के बाद इसराइल में क्या हालात रहे?
मिसाइल के आने की खबर मिलते ही जेरूसलम और डेड सी के पास वाले इलाकों में सायरन की आवाजें सुनाई देने लगीं। इसराइल के सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उनके डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल को बीच में ही रोक दिया जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ। इसराइली मेडिकल टीम मागेन डेविड अडोम (Magen David Adom) ने कन्फर्म किया है कि इस हमले में किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई है। जब सेना को यकीन हो गया कि अब कोई खतरा नहीं है, तब लोगों को सुरक्षित कमरों से बाहर आने की इजाजत दी गई।
हूतियों के दावे और हालिया घटनाक्रम
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने इस हमले को लेकर कुछ खास जानकारियां साझा की हैं जिन्हें नीचे दिए गए बिंदुओं में समझा जा सकता है:
- हूतियों का कहना है कि यह मिसाइल हमला ईरान और लेबनान के हिजबुल्लाह के साथ मिलकर किया गया एक संयुक्त ऑपरेशन था।
- यह हमला यमन की तरफ से इसराइल को निशाना बनाने वाली तीसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई है।
- हूती प्रवक्ता ने साफ कहा है कि जब तक इसराइल की सैन्य कार्रवाई और घेराबंदी बंद नहीं होती, तब तक उनके हमले जारी रहेंगे।
- इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को भी यमन से आए दो ड्रोन को इसराइली सेना ने रास्ते में ही मार गिराया था।
- पिछले हफ्ते और सोमवार को भी हूतियों ने इसी तरह के ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा किया था।




