UN Security Council ने GCC देशों की सुरक्षा और आज़ादी पर जताया भरोसा, शांति बनाए रखने के लिए खाड़ी देशों की हुई जमकर तारीफ
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के सदस्य देशों की संप्रभुता और उनकी क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति अपनी मज़बूत प्रतिबद्धता दोहराई है। न्यूयॉर्क में हुई एक विशेष बैठक के दौरान परिषद ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में खाड़ी देशों की भूमिका को सराहा। इस सत्र की अध्यक्षता बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल ज़यानी ने की। इस कदम से खाड़ी देशों की वैश्विक साख और स्थिति और मज़बूत हुई है।
सुरक्षा परिषद की बैठक में क्या बड़े फैसले लिए गए?
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित इस हाई-लेवल ब्रीफिंग में एक राष्ट्रपति बयान जारी किया गया। इसमें परिषद ने साफ तौर पर कहा कि वे GCC देशों की स्वतंत्रता और उनकी सीमाओं की सुरक्षा के साथ खड़े हैं। खाड़ी देशों द्वारा दुनिया भर में की जा रही मदद और तकनीकी सहयोग की भी सराहना की गई। परिषद ने माना कि इन देशों ने विवादों को सुलझाने और कूटनीति के ज़रिए शांति स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई है।
खाड़ी देशों की किन कोशिशों को सराहा गया?
सुरक्षा परिषद ने उन कोशिशों का ज़िक्र किया जिनके ज़रिए GCC देश दुनिया में स्थिरता ला रहे हैं। परिषद द्वारा सराहे गए मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- विभिन्न देशों के बीच मध्यस्थता करना और विवादों को शांति से सुलझाना।
- शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल करना।
- ज़रूरतमंद क्षेत्रों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करना।
- क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए निरंतर प्रयास करना।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि GCC देशों का योगदान केवल उनके क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है। यह आधिकारिक बयान 2 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है।




