दुबई में बिना ड्राइवर वाली टैक्सी शुरू, मोबाइल ऐप से होगी बुकिंग, 1000 गाड़ियां चलाने की तैयारी.
दुबई में अब सड़कों पर बिना ड्राइवर वाली टैक्सी आधिकारिक तौर पर चलने लगी है। दुबई टैक्सी कंपनी (DTC) और चीन की Baidu कंपनी के Apollo Go प्लेटफॉर्म ने मिलकर इस सर्विस की शुरुआत की है। यह पहली बार है जब चीन से बाहर किसी देश में ऐसी पूरी तरह से ऑटोमैटिक राइड-हेलिंग सर्विस लॉन्च की गई है। यात्री अब बिना किसी इंसानी ड्राइवर के सीधे मोबाइल ऐप से अपनी टैक्सी बुक कर सकते हैं।
कैसे बुक करें और क्या है किराया?
दुबई में रहने वाले लोग और प्रवासी अब Apollo Go ऐप या Uber ऐप का इस्तेमाल करके इन बिना ड्राइवर वाली गाड़ियों का फायदा उठा सकते हैं। अभी यह सर्विस मुख्य रूप से जुमेराह और उम सुकीम (Umm Suqeim) जैसे इलाकों में उपलब्ध है। किराए और बुकिंग से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
- शुरुआत में कुछ राइड्स मुफ्त दी जा रही हैं, जबकि Uber ऐप पर पेड ट्रिप का किराया 63 से 80 दिरहम के बीच रखा गया है।
- अभी 50 गाड़ियां सड़कों पर उतारी गई हैं, जिन्हें बढ़ाकर 1000 से ज्यादा करने का लक्ष्य है।
- आने वाले समय में इन टैक्सियों को Bolt जैसे अन्य ऐप पर भी जोड़ा जाएगा।
- दुबई का लक्ष्य है कि 2030 तक यहाँ की 25 प्रतिशत पब्लिक ट्रांसपोर्ट यात्राएं बिना ड्राइवर वाली हों।
सुरक्षा के लिए बनाए गए ये खास नियम
सड़क परिवहन प्राधिकरण (RTA) ने इन गाड़ियों के लिए बहुत कड़े सुरक्षा नियम तय किए हैं। इन गाड़ियों को लाइसेंस तभी मिलता है जब ये ट्रैफिक सिग्नल पहचानने और सड़क की प्राथमिकताओं को समझने में पूरी तरह सफल होती हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कुछ जरूरी शर्तें भी रखी हैं जो यात्रियों को माननी होंगी।
| नियम का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| बच्चों के लिए नियम | 16 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ एक वयस्क का होना अनिवार्य है। |
| खराबी की स्थिति | किसी भी तकनीकी समस्या पर तुरंत मैन्युअल कंट्रोल करने की सुविधा मौजूद है। |
| निगरानी | गाड़ी के ऑपरेशन का सारा डाटा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में रखा जाएगा। |
| सुरक्षा विशेषज्ञ | कुछ राइड्स में सुरक्षा के लिए एक एक्सपर्ट साथ रह सकता है, लेकिन वह गाड़ी नहीं चलाएगा। |
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा बढ़ाने और लोगों के सफर को आसान बनाने के लिए उठाया गया है। दुबई टैक्सी कंपनी के सीईओ मंसूर अलफलासी के अनुसार, सफल ट्रायल के बाद यह साफ हो गया है कि ये गाड़ियां सड़कों पर चलने के लिए पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद हैं।




