अमेरिका की ईरान को बड़ी धमकी, कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग, $109 के पार पहुंचा भाव
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की नई धमकियों ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है. इस तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जिससे ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है. तेहरान के पास बने एक नए पुल पर हमले की खबरें आई हैं जिसमें जानमाल का नुकसान हुआ है. इस घटनाक्रम के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई देशों ने अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली को अलर्ट पर रखा है.
युद्ध के ताजा हालात और हमलों का विवरण
3 अप्रैल 2026 तक मिली जानकारी के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया और अपने भाषणों के जरिए ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि अमेरिका आने वाले हफ्तों में ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाना जारी रखेगा. तेहरान और करज के बीच बने B1 पुल पर हुए हमले में 8 लोगों की मौत और 95 लोगों के घायल होने की आधिकारिक खबर है. इसके जवाब में ईरान ने भी कड़े पलटवार की बात कही है और दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका का एक और F-35 लड़ाकू विमान मार गिराया है.
खाड़ी देशों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय असर
इस संघर्ष का असर अब पड़ोसी देशों पर भी दिखने लगा है क्योंकि मिसाइलों और ड्रोनों का आना-जाना बढ़ गया है. सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों ने अपनी सीमाओं के पास कई संदिग्ध ड्रोनों और मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि समुद्री रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है. ब्रिटेन ने समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए 40 देशों के साथ मिलकर एक बैठक भी की है.
| देश | ताजा अपडेट (3 अप्रैल 2026) |
|---|---|
| यूएई और जॉर्डन | ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया |
| सऊदी अरब | ईरानी ड्रोनों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया |
| कुवैत | अपनी सीमा के पास हो रहे हमलों को विफल किया |
| संयुक्त राष्ट्र | बड़े युद्ध की चेतावनी दी और हमलों को रोकने की अपील की |
| चीन | अमेरिका और इसराइल के सैन्य अभियानों को तनाव की वजह बताया |
विशेषज्ञों की राय और वैश्विक चिंताएं
दुनिया भर के 100 से ज्यादा कानूनी विशेषज्ञों ने नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमलों को लेकर गहरा दुख जताया है. उनका कहना है कि बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के खिलाफ हो सकता है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व का यह विवाद अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है. पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश शांति बहाली के लिए कूटनीतिक कोशिशों में जुटे हैं ताकि तेल की कीमतों और सुरक्षा संकट को काबू में किया जा सके.




