Strait of Hormuz बंद होने से भारत में तेल की भारी कमी, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सरकार से मांगा जवाब, नया अपडेट आया सामने.
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खुलवाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर स्थिति साफ करने की मांग की है। तिवारी ने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण भारत के कच्चे तेल के व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक पहले जहाँ भारत इस रास्ते से 22 बिलियन बैरल कच्चा तेल लाता था, वह अब घटकर मात्र 0.5 मिलियन बैरल रह गया है।
भारत सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
भारत सरकार इस संवेदनशील मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय है और कूटनीतिक बातचीत कर रही है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 2 अप्रैल 2026 को ब्रिटेन की मेजबानी में हुई एक बड़ी बैठक में हिस्सा लिया था। इस वर्चुअल मीटिंग में 40 से अधिक देशों ने समुद्री सुरक्षा और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि भारत लगातार ईरान और अन्य संबंधित देशों के साथ संपर्क में है। राहत की बात यह है कि हाल के दिनों में LPG और LNG ले जा रहे छह भारतीय जहाजों ने इस रास्ते को सुरक्षित पार किया है।
हॉर्मुज़ विवाद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही हलचल
मनीष तिवारी ने सरकार से उन खबरों पर भी जवाब मांगा है जिनमें कहा जा रहा है कि ईरान जहाजों से टोल वसूल रहा है। हालांकि, भारतीय सरकार ने टोल जैसी किसी भी व्यवस्था की खबरों का खंडन किया है। इस मामले में कुछ और महत्वपूर्ण बातें निम्नलिखित हैं:
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बहरीन द्वारा रखे गए एक प्रस्ताव पर वोटिंग होने वाली है ताकि जहाजों को सुरक्षा दी जा सके।
- मनीष तिवारी का दावा है कि तुर्की, मिस्र और चीन जैसे देश इस मुद्दे पर अपनी ओर से अलग से कोशिशें कर रहे हैं।
- भारत का रुख हमेशा से अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समुद्री रास्तों को स्वतंत्र और सुरक्षित रखने का रहा है।
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी इस व्यापारिक रास्ते को जल्द से जल्द पूरी तरह खोलने की जरूरत बताई है।




