ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए बनाया नया प्रोटोकॉल, अब जहाजों को लेनी होगी दोनों देशों से मंजूरी
ईरान और ओमान ने मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नया समुद्री प्रोटोकॉल तैयार किया है। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य समुद्री रास्तों को ज्यादा सुरक्षित बनाना और जहाजों की आवाजाही को बेहतर ढंग से मैनेज करना है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने बताया है कि इस ड्राफ्ट को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है और अब जहाजों को सुरक्षित सफर के लिए खास प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।
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नए प्रोटोकॉल के तहत क्या बदल जाएगा?
ईरान और ओमान के बीच बन रहे इस नए प्रोटोकॉल के तहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान और ओमान दोनों के साथ जरूरी समझौते करने होंगे। यह नियम जहाजों की आवाजाही को आसान बनाने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया है कि युद्ध जैसी स्थितियों में शांति वाले नियम काम नहीं करेंगे और हमलावर देशों या उनके समर्थकों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर ईरान और ओमान की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी।
सुरक्षा और मानवीय मदद पर क्या है ताजा जानकारी?
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के अनुरोध पर मानवीय सहायता ले जाने वाले जहाजों को तेजी से रास्ता देने का फैसला किया है ताकि जरूरी सामान पहुंचने में देरी न हो। ईरान के अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) को भी इस नए मसौदे के बारे में सूचित कर दिया है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इस रास्ते से ही दुनिया का एक बड़ा व्यापार होता है। इस नियम से जहाजों के सुरक्षित सफर की गारंटी मिलने की उम्मीद जताई गई है।
| अहम जानकारी | विवरण |
|---|---|
| शामिल देश | ईरान और ओमान |
| नया नियम | तटीय देशों के साथ तालमेल और समझौता जरूरी |
| मुख्य क्षेत्र | होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) |
| मानवीय सहायता | सुरक्षित और तेज रास्ता देने का वादा |
| वर्तमान स्थिति | प्रोटोकॉल का ड्राफ्ट अंतिम चरण में |




