ईरान के हमलों से खाड़ी देशों की हवाई सुरक्षा को खतरा, ICAO ने पास किया कड़ा प्रस्ताव, अब UN में पहुँचेगा मामला.
अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) की काउंसिल ने ईरान द्वारा खाड़ी देशों और जॉर्डन पर किए जा रहे हमलों के खिलाफ एक बड़ा प्रस्ताव पास किया है। काउंसिल ने साफ कहा है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं और इनसे आम नागरिकों की हवाई यात्रा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। 1 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में ईरान की इन हरकतों को तुरंत रोकने की मांग की गई है। इन हमलों की वजह से खाड़ी क्षेत्र में उड़ानों के संचालन में बड़ी बाधा आ रही है।
हवाई सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर असर
ICAO के अनुसार ईरान ने 28 फरवरी 2026 से मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके कई हमले किए हैं। ये हरकतें शिकागो कन्वेंशन के नियमों के खिलाफ हैं जो किसी भी देश की हवाई सीमा की संप्रभुता की गारंटी देते हैं। इन हमलों की वजह से खाड़ी क्षेत्र में कई बार हवाई रास्ते बंद करने पड़े हैं और उड़ानों को दूसरे रास्तों पर मोड़ना पड़ा है। इससे न केवल एयरलाइंस को नुकसान हो रहा है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी जोखिम में डाली जा रही है।
खाड़ी देशों के अधिकारियों ने क्या दी प्रतिक्रिया?
- कतर: परिवहन मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल थानी ने इसे हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक जरूरी और निर्णायक कदम बताया है।
- कुवैत: कुवैत के नागरिक उड्डयन प्रमुख शेख इंजीनियर हमूद मुबारक अल-जबर अल-सबाह ने कहा कि देश की संप्रभुता एक रेड लाइन है जिसे पार नहीं किया जा सकता।
- यूएई: यूएई के मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने कहा कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
- जॉर्डन: जॉर्डन के नागरिक उड्डयन प्रमुख ने कहा कि हवाई सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का सैन्य खतरा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हालिया हमले और आगामी कार्रवाई
3 अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्टों के मुताबिक कुवैत में ईरान की तरफ से आए मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई थी। वहीं कतर की सेना ने भी ईरान से आए कई ड्रोनों को सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया है। ICAO काउंसिल ने इस पूरे मामले को अब संयुक्त राष्ट्र (UN) के संबंधित निकायों के पास भेज दिया है ताकि इस पर आगे की कार्रवाई की जा सके। कतर, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों ने मिलकर इस मुद्दे पर प्रस्ताव पेश किया था।




