आज Kuwait में तेल रिफाइनरी और बिजली प्लांट पर ड्रोन हमला, ब्रिटेन ने की निंदा और सुरक्षा के लिए भेजा सिस्टम.
कुवैत में आज सुबह बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर बड़े ड्रोन हमले किए गए हैं जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. इन हमलों में कुवैत की मशहूर मीना अल-अहमदी (Mina Al-Ahmadi) तेल रिफाइनरी और एक बिजली और पानी के प्लांट को निशाना बनाया गया. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कुवैत की सुरक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया है.
रिफाइनरी और पावर प्लांट पर हमले की पूरी जानकारी
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) के अनुसार शुक्रवार सुबह हुए इस हमले की वजह से रिफाइनरी की कुछ यूनिट्स में आग लग गई थी जिसे बुझाने के लिए इमरजेंसी टीमों को तुरंत काम पर लगाया गया. इस हमले में किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई है और पर्यावरण पर इसके असर की जांच की जा रही है. बिजली और जल मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि ड्रोन की वजह से पावर स्टेशन के कुछ हिस्सों को भौतिक नुकसान पहुंचा है लेकिन सप्लाई को सामान्य बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.
ब्रिटेन कैसे करेगा कुवैत की सुरक्षा में मदद
ब्रिटेन ने कुवैत के बचाव के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है और भविष्य में होने वाले ऐसे हमलों को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक देने का फैसला किया है. ब्रिटिश सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कुवैत को निम्नलिखित सहायता दी जाएगी:
- ‘रैपिड सेंट्री’ (Rapid Sentry) नाम का एडवांस एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया जाएगा.
- कुवैती सेना को प्रशिक्षण और परामर्श देने के लिए ब्रिटिश सैन्य विशेषज्ञों की टीम भेजी जाएगी.
- क्षेत्र में जारी ड्रोन और मिसाइल हमलों से निपटने के लिए डिफेंस सहयोग बढ़ाया जाएगा.
- हवा की गुणवत्ता और रिफाइनरी के आसपास के माहौल की निगरानी में तकनीकी मदद दी जाएगी.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी देशों में ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं. कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और विशेषकर भारतीय समुदाय के लिए यह खबर चिंता का विषय है क्योंकि तेल क्षेत्र में बड़ी संख्या में विदेशी कर्मचारी काम करते हैं. फिलहाल कुवैती प्रशासन ने सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए हैं और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में बताई जा रही है.




