US और Israel के ईरान पर हमले को जानकारों ने बताया युद्ध अपराध, 100 से ज़्यादा विशेषज्ञों ने लिखी चिट्ठी
अमेरिका के 100 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने एक खुला पत्र जारी करके अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है। इन जानकारों का कहना है कि ये हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सीधा उल्लंघन हैं और इन्हें युद्ध अपराध माना जा सकता है। यह पत्र 3 अप्रैल 2026 को Just Security नाम के जर्नल में प्रकाशित हुआ है जिसमें मानवाधिकारों के उल्लंघन पर गंभीर चिंता जताई गई है।
विशेषज्ञों ने किन बातों पर जताई आपत्ति?
इन विशेषज्ञों में हार्वर्ड, येल और स्टैनफोर्ड जैसे बड़े विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और वकील शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी 2026 को ईरान पर जो हमले किए गए वे अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ थे। जानकारों ने पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के उस बयान का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने ईरान पर हमले को लेकर गैर-ज़िम्मेदाराना बात कही थी। साथ ही पेंटागन चीफ Pete Hegseth की युद्ध के नियमों को लेकर दी गई राय पर भी सवाल उठाए गए हैं।
हमले के दौरान हुए नुकसान के मुख्य आंकड़े
ईरान पर हुए इन हमलों में भारी जानी नुकसान की बात सामने आई है। खास तौर पर मीनाब के एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है जिसमें कई मासूमों की जान चली गई। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन अब इन दावों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इस घटना के मुख्य तथ्य नीचे दिए गए हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमले की मुख्य तारीख | 28 फरवरी 2026 |
| हस्ताक्षर करने वाले एक्सपर्ट्स | 100 से ज़्यादा |
| स्कूल हमले में मरने वाले | 175 (ज्यादातर बच्चे) |
| शामिल मुख्य विश्वविद्यालय | Harvard, Yale, Stanford |
| जांच करने वाली संस्था | Human Rights Watch |
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने भी कहा है कि इस तरह के हमलों से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा पैदा होता है। फिलहाल Human Rights Watch ने भी मानवीय कानूनों के उल्लंघन की जांच शुरू कर दी है ताकि सच सामने आ सके।




