Israel और Lebanon के बीच बढ़ा तनाव, इजरायल ने दक्षिण लेबनान के पुलों को उड़ाने की दी चेतावनी, सेना ने जारी किया अलर्ट.
दक्षिणी लेबनान में तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है और हालात नाजुक बने हुए हैं। इजरायली सेना ने 3 अप्रैल 2026 को आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया के जरिए चेतावनी जारी की है कि वह लिटानी नदी पर बने महत्वपूर्ण पुलों को निशाना बनाने वाली है। इजरायल का दावा है कि इन पुलों का इस्तेमाल हिजबुल्लाह अपने लड़ाकों और हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए कर रहा है। सुबह होने से पहले जारी किए गए इन आदेशों के बाद स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है।
इजरायल ने लेबनान के किन खास इलाकों को निशाना बनाने की बात कही है?
इजरायली सेना ने विशेष रूप से दक्षिणी लेबनान के सहमर (Sahmar) और मशघरा (Mashghara) क्षेत्रों के पास बने पुलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। सेना का मुख्य मकसद लिटानी नदी पर बने उन सभी रास्तों को बंद करना है जिनका उपयोग हिजबुल्लाह सैन्य गतिविधियों के लिए करता है। 3 अप्रैल 2026 को जारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली सेना ने उन पांच बड़े पुलों की पहचान की है जो हथियारों की सप्लाई के लिए मुख्य रास्ता माने जाते हैं। लेबनान की सरकार ने बुनियादी ढांचे पर हो रहे इन हमलों को एक खतरनाक कदम बताया है जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इस सैन्य कार्रवाई और नागरिकों के लिए जारी सुरक्षा निर्देश क्या हैं?
इजरायल की इस कार्रवाई से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां और निर्देश नीचे दिए गए हैं ताकि आम लोग स्थिति को समझ सकें:
- इजरायली रक्षा मंत्रालय ने हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने की अपनी नीति को दोहराया है।
- नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत जहराानी (Zahrani) नदी के उत्तरी इलाकों की ओर चले जाएं ताकि वे हमलों की चपेट में न आएं।
- 3 अप्रैल की सुबह से ही बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई अलग-अलग हिस्सों में हवाई हमले और तेज कर दिए गए हैं।
- इससे पहले 15 जनवरी 2026 को भी इन्हीं इलाकों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी।
- सऊदी न्यूज (@SaudiNews50) ने भी इन हमलों और पुलों को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की है।
इस पूरे घटनाक्रम से क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इजरायल का कहना है कि वह यह सब अपनी सुरक्षा के लिए कर रहा है, जबकि लेबनान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है। आने वाले दिनों में अगर ये हमले बढ़ते हैं तो इससे सप्लाई लाइन पूरी तरह कट सकती है जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।




