इसराइल ने ईरान के पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह करने की दी चेतावनी, कुवैत की रिफाइनरी में लगी आग
इसराइल और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि उनकी सेना ईरान के पुलों को उड़ाना और वहां के सरकारी बुनियादी ढांचे को तबाह करना जारी रखेगी। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों पर भी दिखना शुरू हो गया है क्योंकि ईरान के पलटवार से कुवैत में नुकसान की खबरें आई हैं।
नेतन्याहू ने हमलों को लेकर क्या कहा है?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि वे ईरान के शासन को कमजोर करने के लिए यह सैन्य अभियान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस काम में उन्हें अमेरिकी सेना और व्हाइट हाउस का पूरा सहयोग मिल रहा है। इसराइली सेना न केवल ईरानी कमांडरों को निशाना बना रही है, बल्कि अब वहां के पुलों और ऊर्जा केंद्रों को भी ध्वस्त कर रही है। 3 अप्रैल को ईरान के करज शहर में एक बड़े पुल को निशाना बनाया गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या असर पड़ रहा है?
ईरान और इसराइल की इस जंग की वजह से कुवैत में तेल रिफाइनरी और पानी साफ करने वाले प्लांट को नुकसान पहुंचा है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर हो सकती है क्योंकि ऊर्जा और पानी की सुविधाओं पर हमले का असर दैनिक जीवन पर पड़ता है। कुवैत में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इस जंग से जुड़ी अब तक की मुख्य जानकारियां
| तारीख | स्थान | घटना का विवरण |
|---|---|---|
| 3 अप्रैल 2026 | करज, ईरान | जसर B1 पुल पर हमला, 8 नागरिकों की मौत और 95 घायल। |
| 3 अप्रैल 2026 | कुवैत | मिसाइल गिरने से रिफाइनरी में आग और पानी का प्लांट डैमेज। |
| 2 अप्रैल 2026 | इसराइल | नेतन्याहू ने ‘ईरानी धुरी’ को पूरी तरह खत्म करने की कसम खाई। |
| 1 अप्रैल 2026 | ईरान-इसराइल सीमा | ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को इसराइली सिस्टम ने हवा में गिराया। |
ईरानी राष्ट्रपति ने युद्ध रोकने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिसमें नुकसान की भरपाई और दोबारा हमला न करने की गारंटी मांगी गई है। हालांकि, मौजूदा हालातों को देखते हुए तनाव कम होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।




