ईरान में अमेरिका का हेलीकॉप्टर हमले का शिकार, रेस्क्यू के दौरान हुआ हमला, पायलट के पकड़े जाने की खबर से मची खलबली.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 को एक नए स्तर पर पहुँच गया है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का एक हेलीकॉप्टर जो एक लापता लड़ाकू विमान की तलाश में निकला था, हमले का शिकार हुआ है। यह घटना उस समय हुई जब अमेरिकी सेना अपने गिरे हुए जेट और उसके चालक दल को बचाने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही थी। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती इस सैन्य गतिविधि ने सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
हेलीकॉप्टर और जेट को लेकर क्या है ताज़ा जानकारी?
ईरानी मीडिया आउटलेट्स और मेहर न्यूज़ एजेंसी ने जानकारी दी है कि अमेरिका का एक ब्लैक हॉक (Black Hawk) हेलीकॉप्टर सर्च मिशन के दौरान हमले की चपेट में आया है। अमेरिकी अधिकारियों ने पहले ही पुष्टि की थी कि उनका एक F-15E फाइटर जेट ईरान के ऊपर गिर गया है। इसी जेट की तलाश में निकले हेलीकॉप्टर पर ईरान की ओर से मिसाइल या गोला दागने की बात कही जा रही है। चश्मदीदों और स्थानीय मीडिया ने आसमान में C-130 विमानों और अपाचे हेलीकॉप्टरों को भी उड़ते हुए देखा है।
घटना से जुड़ी अहम जानकारियां और पायलट की स्थिति
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जेट को गिराने की जिम्मेदारी ली है, हालांकि वह इसे F-35 जेट बता रहे हैं। पायलटों की स्थिति को लेकर भी दोनों देशों के बयानों में काफी अंतर है।
| संस्था/देश | प्रमुख दावा |
|---|---|
| यूएस पेंटागन | F-15E जेट गिरा और रेस्क्यू मिशन जारी है |
| ईरान (IRGC) | F-35 जेट गिराया और हेलीकॉप्टर को पीछे खदेड़ा |
| ईरानी मीडिया | एक अमेरिकी पायलट को गिरफ्तार करने का दावा |
| ईरानी प्रशासन | क्रू को पकड़ने या मारने वाले के लिए इनाम की घोषणा |
ईरानी मीडिया का दावा है कि उनके हवाई रक्षा तंत्र ने अमेरिकी रेस्क्यू कोशिशों को नाकाम कर दिया है। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी हेलीकॉप्टर को फ्लेयर्स छोड़ते हुए ईरानी सीमा से पीछे हटना पड़ा। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग ने अभी तक अपने किसी पायलट के पकड़े जाने या हेलीकॉप्टर पर हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।




