खाड़ी देशों में रह रहे 1 करोड़ भारतीयों की बढ़ी चिंता, ईरान हमलों में 8 की मौत, 5.5 लाख लोग लौटे भारत.
खाड़ी देशों में रहने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए बड़ी खबर है. मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच विदेश मंत्रालय ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं. यूएई से लेकर सऊदी अरब तक करीब 1 करोड़ भारतीय वहां काम कर रहे हैं, लेकिन ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने इनकी सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है. भारत सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है.
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खाड़ी देशों में किस देश में कितने भारतीय रहते हैं?
विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की संख्या करीब 1 करोड़ के पास पहुंच गई है. यूएई में सबसे ज्यादा भारतीय नागरिक रहते हैं, जो वहां की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा हैं. अलग-अलग देशों में भारतीयों की अनुमानित संख्या नीचे टेबल में दी गई है:
| देश का नाम | भारतीयों की संख्या (अनुमानित) |
|---|---|
| संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | 40 लाख (4 मिलियन) |
| सऊदी अरब | 24 से 25 लाख |
| कुवैत | 10 लाख |
| कतर | 7 से 8 लाख |
| ओमान | 5 लाख से अधिक |
| बहरीन | 3.5 लाख |
ईरान के हमलों में अब तक कितने भारतीयों ने जान गंवाई?
मध्य पूर्व में जारी जंग की वजह से भारतीय नागरिक भी इसकी चपेट में आए हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 मार्च 2026 तक अलग-अलग हमलों में 8 भारतीयों की मौत हुई है और एक नागरिक लापता बताया जा रहा है. इन घटनाओं का देशवार विवरण इस प्रकार है:
- UAE: अबू धाबी और दुबई में हुए हमलों में 2 भारतीयों की मौत हुई और 5 लोग घायल हुए.
- ओमान: सोहर में हुए ड्रोन हमले में 2 भारतीयों की जान चली गई.
- कुवैत: एक प्लांट पर हुए हमले में 1 भारतीय नागरिक की मृत्यु हुई.
- सऊदी अरब: रियाद में हुई एक घटना में 1 भारतीय की मौत हुई.
- समुद्री जहाज: कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों में 3 भारतीय मारे गए या लापता हैं.
भारत सरकार ने अपने नागरिकों को बचाने के लिए ‘ऑपरेशन वतन वापसी’ शुरू किया है. इसके तहत 2 अप्रैल 2026 तक करीब 5.5 लाख भारतीयों को युद्ध प्रभावित इलाकों से सुरक्षित भारत वापस लाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से भी बात की है ताकि समुद्री रास्तों और वहां रह रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.




