Pakistan Petrol Price: पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल, जनता के गुस्से के बाद सरकार ने दी 80 रुपये की राहत.
पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने पिछले एक महीने में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकारी टैक्सों की वजह से यहाँ ईंधन के दाम करीब 77 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जिससे आम जनता पर महंगाई का भारी बोझ पड़ा है। हालांकि, जनता के भारी विरोध और प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देर रात पेट्रोल की कीमतों में 80 रुपये प्रति लीटर की बड़ी कटौती का ऐलान किया है। यह फैसला जनता को तुरंत राहत देने के लिए लिया गया है।
पाकिस्तान में अब क्या हैं पेट्रोल और डीजल के नए दाम?
सरकार ने 2 अप्रैल को पेट्रोल की कीमत बढ़ाकर 458.41 रुपये और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी थी। भारी सार्वजनिक आलोचना के बाद अब पेट्रोल पर लेवी में 80 रुपये की कमी की गई है, जिससे अब पेट्रोल 378 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिलेगा। यह नई कीमत 4 अप्रैल 2026 से लागू हो गई है। सरकार ने हाई-स्पीड डीजल पर लगने वाली लेवी को भी पूरी तरह खत्म कर दिया है ताकि माल ढुलाई महंगी न हो और महंगाई पर काबू पाया जा सके।
आम जनता और गरीबों को राहत देने के लिए सरकारी उपाय
महंगाई की मार झेल रहे नागरिकों के लिए सरकार ने कुछ विशेष राहत पैकेजों की घोषणा की है। इन कदमों का उद्देश्य कम आय वाले लोगों पर पड़ने वाले बोझ को कम करना है:
- मोटरसाइकिल मालिकों को महीने में 20 लीटर तक पेट्रोल पर 100 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी मिलेगी।
- इस्लामाबाद, पंजाब और सिंध के शहरों में 30 दिनों के लिए सरकारी बस सेवा पूरी तरह मुफ्त कर दी गई है।
- किसानों को खेती की लागत कम करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- 15 दिनों के लिए मोटरसाइकिल के मालिकाना हक को मुफ्त में ट्रांसफर करने की सुविधा दी गई है।
- कैबिनेट के सभी मंत्रियों ने अगले 6 महीने तक अपनी सैलरी न लेने का फैसला किया है।
क्यों बढ़े दाम और क्या है मौजूदा स्थिति?
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक और वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के अनुसार, वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों को मानना सरकार की मजबूरी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव और अमेरिका-इजरायल युद्ध जैसे हालातों की वजह से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, सरकार ने जनता को राहत देने के लिए हाई-ऑक्टेन फ्यूल से होने वाली बचत का इस्तेमाल पेट्रोल की कीमतें कम करने में किया है।




