ईरान ने फिर दागा, UAE और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमला, इसराइल में 50 लाख लोग शेल्टर में घुसे.
ईरान की सेना और IRGC ने ‘Operation True Promise 4’ के 35वें दिन बड़े हमलों का दावा किया है. इस कार्रवाई में खाड़ी देशों जैसे UAE, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है. इसराइल के भी कई शहरों में मिसाइलें गिरने की खबर है, जिससे वहां हड़कंप मच गया है. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेषकर भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि सुरक्षा को लेकर क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है.
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ईरान के हमलों में किन जगहों को बनाया गया निशाना?
ईरान की आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी IRNA के मुताबिक, इस सैन्य अभियान का 35वां दिन काफी आक्रामक रहा है. ‘वेव 92’ और ‘वेव 93’ के तहत ईरान ने जल और थल दोनों रास्तों से हमले किए हैं. दुबई में एक अमेरिकी जहाज को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाने की खबर है, जबकि कुवैत और बहरीन में अमेरिकी राडार सिस्टम पर हमले हुए हैं. इन हमलों की वजह से खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
| स्थान | लक्ष्य और प्रभाव |
|---|---|
| UAE (दुबई) | अमेरिकी जहाज पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला |
| कुवैत और बहरीन | अमेरिकी राडार और नौसेना उपकरण पर हमला |
| तेल अवीव और हाइफ़ा | मिसाइल हमले के कारण 50 लाख लोग शेल्टर में गए |
| रमत डेविड एयर बेस | ईरानी मिसाइलों द्वारा सीधा हिट |
| अमेरिकी वायु सेना | एक F-35 फाइटर जेट के नष्ट होने की रिपोर्ट |
इसराइल में बड़े स्तर पर तबाही का दावा
ईरान और यमन की सेनाओं ने मिलकर इसराइल के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए हैं. बताया गया है कि तेल अवीव में 50 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है. यमन के अनसारुल्लाह गुट ने भी इसराइल के डिमोना और दक्षिणी इलाकों की तरफ मिसाइलें दागी हैं. ईरान ने साफ कहा है कि यह एक सोची-समझी कार्रवाई है और यह तब तक जारी रहेगी जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते. इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और खाड़ी देशों के बाजार पर देखने को मिल सकता है.
ईरानी सैन्य कमांड के अनुसार, वेव 93 का मिशन कोड धार्मिक नारों के साथ शुरू किया गया था और इसे दिवंगत नेताओं की याद में समर्पित किया गया है. ईरान ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर उन पर दोबारा हमला हुआ तो वे दूतावासों को भी निशाना बना सकते हैं. फिलहाल खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को स्थानीय खबरों और आधिकारिक निर्देशों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है.




