इसराइल पर ईरान का बड़ा हमला, मिसाइल के टुकड़ों से मची तबाही, कई शहरों में बिजली गुल और भारी नुकसान.
ईरान और इसराइल के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 4 अप्रैल 2026 को ईरान ने इसराइल पर मिसाइलों की बड़ी खेप दागी है, जिससे रामत गन (Ramat Gan) शहर में एक इमारत पूरी तरह तबाह हो गई। इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया है, जिसके टुकड़े तेल अवीव और मध्य इसराइल के रिहायशी इलाकों में गिरे हैं। बचाव दल के मुताबिक इन हमलों से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और कई शहरों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
मिसाइल हमलों से इसराइल में कितना नुकसान हुआ?
ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उनके मलबे ने कई जगहों पर आग लगा दी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मध्य इसराइल के 17 अलग-अलग ठिकानों पर मिसाइल के टुकड़े गिरे हैं। इस हमले का सबसे बुरा असर बिजली और बुनियादी ढांचे पर पड़ा है।
- रामत गन में एक पूरी इमारत मिसाइल की चपेट में आने से जमींदोज हो गई।
- बनी ब्रैक और पेटाह टिकवा में बमों के छोटे टुकड़ों (Bomblets) की वजह से सड़कों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है।
- पिछले 24 घंटों में इसराइल के अलग-अलग हिस्सों में लगभग 120 लोग घायल हुए हैं।
- रोश हाएन (Rosh HaAyin) और मध्य इसराइल के कई बड़े इलाकों में बिजली की सप्लाई ठप हो गई है।
क्षेत्रीय तनाव और अन्य देशों पर हमले का असर
इस जंग में अब लेबनान और अमेरिका से जुड़ी खबरें भी सामने आ रही हैं। हिजबुल्ला ने इसराइली ठिकानों पर 6 हमले किए हैं, वहीं ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। इराक ने भी सुरक्षा कारणों से अपनी सीमा को बंद करने का फैसला लिया है।
| घटना का स्थान | नुकसान और विवरण |
|---|---|
| बुशहर (Iran) | परमाणु सुविधा के पास हमला हुआ, एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई। |
| इराक सीमा | हवाई हमलों के बाद शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग को बंद किया गया। |
| लेबनान | इसराइली सेना ने बेरूत में हिजबुल्ला के ठिकानों और एक पुल को तबाह किया। |
| अमेरिकी विमान | ईरान ने अमेरिका के F-15 और A-10 विमान को गिराने का दावा किया। |
| कुल मौतें | युद्ध की शुरुआत से अब तक मिसाइलों से इसराइल में 19 लोग मारे गए हैं। |
इसराइल की सेना ने साफ किया है कि वे बेरूत में हिजबुल्ला के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। हिजबुल्ला का कहना है कि वे लेबनान की रक्षा के लिए ये हमले कर रहे हैं। इस जंग की वजह से लेबनान में अब तक 1,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।




