ईरान ने इसराइल और अमेरिका पर दागी मिसाइलें, कुवैत और UAE में भी हुए हमले, 120 लोग घायल और मची भारी तबाही.
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 4 अप्रैल 2026 को ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4’ के अगले चरण में इसराइल और अमेरिका के कई ठिकानों पर भारी हमले किए हैं। इन हमलों में आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया है। खबर के अनुसार, ईरान ने इस कार्रवाई को अमेरिका और इसराइल की हालिया हरकतों का बदला बताया है। इस हमले का असर खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी देखने को मिला है।
इन खास ठिकानों को बनाया गया निशाना
ईरानी सेना ने इसराइल के कई बड़े शहरों और औद्योगिक केंद्रों को निशाना बनाया है। इनमें तेल अवीव (Tel Aviv), नेगेव (Negev), बीर शेवा और रामत गन जैसे इलाके शामिल हैं। खाड़ी क्षेत्र में भी कई जगहों पर हमले की खबरें हैं।
- कुवैत: बुबियां आइलैंड (Bubiyan Island) पर मौजूद अमेरिकी तोपखानों को निशाना बनाया गया।
- बहरीन: उत्तरी बहरीन में अमेरिका के पैट्रियट मिसाइल सिस्टम पर हमला हुआ।
- UAE: संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी मिसाइल लॉन्चरों और ओरेकल (Oracle) कंपनी के दफ्तर पर हमला किया गया।
- समुद्री जहाज: बहरीन के खलीफा बिन सलमान पोर्ट पर खड़े एक कमर्शियल जहाज ‘MCS Ishika’ को भी निशाना बनाया गया।
मिसाइल हमलों का असर और नुकसान की जानकारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में इसराइल में कम से कम 120 लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और इमारतों को नुकसान पहुंचा है। ईरान ने इस ऑपरेशन में Khorramshahr, Kheibar Shekan और Emad जैसी भारी मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 4 अप्रैल 2026 |
| हथियारों के नाम | बैलिस्टिक मिसाइलें और कामिकेज़ ड्रोन्स |
| प्रभावित क्षेत्र | तेल अवीव, नेगेव, कुवैत, UAE और बहरीन |
| ऑपरेशन का कोड | या उम्म अल-बनीन और या हसन इब्न अली |
| सहयोगी संगठन | यमन और इराक के रेजिस्टेंस फोर्स |
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने साफ कर दिया है कि वे अपने दुश्मनों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रखेंगे। इन हमलों के दौरान इसराइल के कई एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहे। इस पूरे ऑपरेशन में यमन और इराक के गुटों ने भी ईरान का साथ दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।




