UAE में ड्रोन और मिसाइल हमला, दुबई मरीना और इंटरनेट सिटी में गिरा मलबा, अब तक 13 लोगों की मौत.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ईरान की ओर से किए जा रहे हमलों के बीच हालात गंभीर बने हुए हैं। 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक UAE में 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 217 लोग घायल हुए हैं। ताजा घटनाक्रम में 4 अप्रैल 2026 को दुबई के कुछ रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में मिसाइल और ड्रोन के मलबे गिरे हैं। एयर डिफेंस सिस्टम ने बड़ी संख्या में खतरों को हवा में ही नाकाम किया है जिससे एक बड़ी तबाही टल गई है।
दुबई और अबू धाबी में कहाँ-कहाँ गिरा मलबा?
दुबई मीडिया ऑफिस के मुताबिक 4 अप्रैल को दुबई इंटरनेट सिटी में स्थित ऑरेकल (Oracle) बिल्डिंग के बाहरी हिस्से और दुबई मरीना इलाके की एक इमारत पर हवाई हमलों के दौरान इंटरसेप्ट किए गए मलबे गिरे हैं। इन दोनों जगहों पर किसी के घायल होने या आग लगने की कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि 3 अप्रैल को अबू धाबी के हबशान (Habshan) गैस प्लांट में मलबा गिरने से एक मिस्र के नागरिक की जान चली गई। इस हादसे में दो पाकिस्तानी और दो मिस्र के नागरिक घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है।
UAE एयर डिफेंस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई
UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि उनकी सेना सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए हाई अलर्ट पर है। 3 अप्रैल को सेना ने 18 बैलिस्टिक मिसाइलों, 4 क्रूज मिसाइलों और 47 ड्रोन को मार गिराया है। युद्ध की शुरुआत से अब तक के हमलों का विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है।
| हथियार का प्रकार | कुल मार गिराए गए |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल | 475 |
| क्रूज मिसाइल | 23 |
| ड्रोन (Drones) | 2085 |
प्रवासियों और आम जनता पर सुरक्षा का प्रभाव
ह्यूमन राइट्स वॉच के विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि इन हमलों से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को सबसे ज्यादा खतरा है। UAE में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य देशों के नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यूएई के राजदूत यूसुफ अल-ओतैबा ने स्पष्ट किया है कि केवल युद्धविराम काफी नहीं है बल्कि ईरान से मिलने वाले खतरों का पक्का समाधान जरूरी है। अधिकारी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।




