कुवैत में आसमान से गिर रहे मिसाइलों के टुकड़े, 24 घंटे में हुई 20 घटनाएं, सरकार ने जारी की सुरक्षा चेतावनी
कुवैत में पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों के भीतर देश के अलग-अलग हिस्सों में आसमान से मलबे और छर्रे गिरने की 20 नई घटनाएं सामने आई हैं। जब से यह स्थिति शुरू हुई है तब से अब तक कुल 669 ऐसी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। सेना और सुरक्षा बल लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी जा रही है।
कुवैत में सुरक्षा और हवाई हमलों को लेकर क्या हैं ताज़ा अपडेट?
कुवैत के गृह मंत्रालय और सेना ने पुष्टि की है कि देश का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सक्रिय है और दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के दौरान फटने वाले प्रोजेक्टाइल के टुकड़े ज़मीन पर गिर रहे हैं जिससे सुरक्षा का खतरा पैदा हो सकता है। सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए कुछ अहम जानकारियां साझा की हैं:
- अब तक कुल 669 बार छर्रे या मलबा गिरने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।
- पिछले कुछ दिनों में 164 बार चेतावनी वाले सायरन बजाए गए हैं।
- नेशनल गार्ड ने साफ किया है कि देश की हवा या पानी में कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ है और अफवाहों पर ध्यान न दें।
- सऊदी अरब और बहरीन के साथ मिलकर कुवैत ड्रोन और मिसाइलों के हमलों को नाकाम कर रहा है।
- मीना अल अहमदी रिफाइनरी जैसे संवेदनशील इलाकों को सुरक्षित रखने के लिए कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।
आम नागरिकों और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश जारी किए गए हैं?
सरकार ने कुवैत में रह रहे सभी लोगों, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी भी शामिल हैं, उनके लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब भी सायरन बजे या मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट आए, तो उसे गंभीरता से लें। लोगों को तुरंत खिड़कियों और खुले स्थानों से दूर होकर सुरक्षित जगहों पर चले जाना चाहिए। किसी भी घटना वाली जगह की फोटो खींचना या वीडियो बनाना कानूनन अपराध माना जा सकता है और यह जान के लिए भी खतरनाक है।
इसके अलावा, गृह मंत्रालय ने बिना लाइसेंस वाले हथियार और विस्फोटक जमा करने की समय सीमा को 8 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया है। लोग बिना किसी कानूनी कार्रवाई के डर के पुलिस स्टेशनों में इन्हें जमा कर सकते हैं। सरकार ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, इसलिए केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।




