अमेरिका ने ईरान को दिया 48 घंटे का आखिरी अल्टीमेटम, ट्रंप बोले समझौता करो वरना होगी भीषण सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 48 घंटे का आखिरी अल्टीमेटम जारी किया है। ट्रंप ने मांग की है कि ईरान या तो बातचीत की मेज पर आए या फिर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दे। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया है और कहा है कि अगर ईरान ने सही चुनाव नहीं किया तो उसे भारी सैन्य बल का सामना करना पड़ेगा। इस तनाव ने खाड़ी क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।
6 अप्रैल तक की समयसीमा और ट्रंप की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि 6 अप्रैल 2026 की रात 8 बजे तक अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो ईरान पर फिर से बड़े हमले शुरू हो जाएंगे। इससे पहले ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को कुछ समय के लिए टाला गया था, जिसे ट्रंप ने ईरानी सरकार के अनुरोध पर दी गई राहत बताया था। ट्रंप का मानना है कि समय बहुत कम बचा है और अब ईरान को जल्द फैसला लेना होगा वरना हालात बिगड़ सकते हैं।
- समयसीमा: 6 अप्रैल 2026, रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) का वक्त दिया गया है।
- मुख्य मांग: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते को बिना किसी रुकावट के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोलना।
- सीनेटर का समर्थन: लिंडसे ग्राहम ने कहा है कि अगर ईरान बातचीत से मना करता है तो वे राष्ट्रपति द्वारा सैन्य बल के उपयोग के फैसले के साथ पूरी तरह खड़े हैं।
ईरान का जवाब और वर्तमान स्थिति
ईरान की तरफ से इस मुद्दे पर अलग-अलग बयान सामने आए हैं। एक तरफ जहां विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने बातचीत में शामिल होने के संकेत दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरानी संसद के स्पीकर ने चेतावनी दी है कि वे समुद्री घेराबंदी को और बढ़ा सकते हैं। इस बीच पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने और बातचीत को फिर से शुरू करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहीं से दुनिया का अधिकांश तेल और गैस सप्लाई होता है। अगर यहां विवाद बढ़ता है तो समुद्री व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हाल ही में फ्रांस का एक व्यापारिक जहाज ईरान के सहयोग से सुरक्षित निकला है, लेकिन बड़े पैमाने पर तनाव अभी भी बरकरार है।




