इसराइल ने ईरान के इस्फहान पर किया बड़ा हमला, ट्रंप ने दी 48 घंटे की मोहलत, परमाणु प्लांट के पास गिरा गोला
ईरान और इसराइल के बीच तनाव अब एक बड़े युद्ध का रूप ले चुका है। 4 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने ईरान के इस्फहान शहर में कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर बमबारी की है। जानकारी के अनुसार यह हमला शहर की बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया गया था। इस हमले के बाद ईरान की वायु सेना ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में काफी डर का माहौल बना हुआ है।
हमले के दौरान हुए नुकसान और सेना की जवाबी कार्रवाई
इसराइल और अमेरिका की ओर से किए गए हमलों में ईरान के कई ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। ईरानी सेना ने भी अपनी सुरक्षा के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं जिसकी जानकारी नीचे दी गई है।
- ईरान ने इस्फहान के आसमान में एक MQ-1 और दो MQ-9 अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है।
- अमेरिकी वायुसेना का एक F-15E लड़ाकू विमान भी ईरान के ऊपर मार गिराया गया है।
- इस्फहान प्रांत में एक रेडिएशन फैसिलिटी पर सीधा हमला हुआ है जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है।
- ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने नागरिक इलाकों में हवाई हमलों से हुए बड़े नुकसान की पुष्टि की है।
- एक अमेरिकी A-10 अटैक विमान फारस की खाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है जिसका पायलट बचा लिया गया।
ट्रंप का अल्टीमेटम और परमाणु सुरक्षा पर उठते सवाल
युद्ध की गंभीरता को देखते हुए वैश्विक नेताओं ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। इसमें अमेरिका का रुख काफी सख्त नजर आ रहा है और परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई गई है।
| विशेष विवरण | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी | ईरान को समझौता करने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। |
| परमाणु सुरक्षा | बुशहर प्लांट के पास हमला हुआ जिससे IAEA प्रमुख काफी चिंतित हैं। |
| जवाबी हमला | ईरान ने इसराइल के बेन-गुरियन एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला किया है। |
| लेबनान में हमला | इसराइल ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों और पुलों पर बमबारी की है। |
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इसराइल पर नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि यह हमले अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन हैं और ईरान अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। वहीं परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने साफ कहा है कि युद्ध के दौरान भी परमाणु स्थलों को कभी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए क्योंकि इससे बड़ा संकट पैदा हो सकता है।




