इज़रायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर हौथी विद्रोहियों ने दागे मिसाइल, कई सैन्य ठिकानों को ड्रोन से बनाया निशाना.
यमन के हौथी विद्रोहियों ने इज़रायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट और दक्षिणी हिस्से में स्थित सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला करने का दावा किया है। इस हमले की जानकारी हौथी से जुड़े अल मसिराह चैनल ने दी है। विद्रोहियों का कहना है कि उन्होंने हमले में क्लस्टर मिसाइलों के साथ-साथ कई घातक ड्रोनों का उपयोग किया है। मार्च के आखिरी दिनों से शुरू हुआ यह तनाव अब अप्रैल 2026 की शुरुआत तक काफी बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
हमले की पूरी जानकारी और इस्तेमाल किए गए हथियार
हौथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इस बात की पुष्टि की है कि दक्षिणी इज़रायल में कई संवेदनशील सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं। इन हमलों में कई तरह के आधुनिक हथियारों और लक्ष्यों को शामिल किया गया है जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
- हमले में मुख्य रूप से क्लस्टर मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ है।
- हौथी विद्रोहियों ने बड़ी संख्या में ड्रोनों की लहर से इज़रायल के हवाई रक्षा तंत्र को उलझाने की कोशिश की।
- इज़रायल का बेन गुरियन एयरपोर्ट और दक्षिणी सैन्य अड्डे मुख्य रूप से विद्रोहियों के निशाने पर रहे।
- याह्या सरी ने साफ किया कि जब तक इज़रायल की ओर से आक्रामकता कम नहीं होती, तब तक यह हमले जारी रहेंगे।
इज़रायल की जवाबी कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
इज़राइली सेना ने भी इन हमलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया। मार्च 28 और 29 को हुए लगातार हमलों के बाद इज़रायल ने दावा किया कि उन्होंने स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया है। हालांकि, हौथी उप प्रधान मंत्री मोहम्मद मंसूर ने चेतावनी दी है कि वे बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को भी बंद कर सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल की सप्लाई पर सीधा असर पड़ सकता है। ईरान ने भी इन हमलों को अपना समर्थन दिया है, जिसे हौथी बलों ने ईरान के लिए एक प्रत्यक्ष समर्थन के रूप में पेश किया है।




