ईरान ने शिराज में मार गिराया चीनी ड्रोन, सऊदी और UAE से मांगा जवाब, मलबे की फोटो हुई जारी
ईरान के शिराज शहर में एक चीनी निर्मित विंग लूंग II ड्रोन को मार गिराने के दावे ने मध्य पूर्व में नया तनाव पैदा कर दिया है। यह घटना गुरुवार 4 अप्रैल 2026 को हुई जब ईरानी एयर डिफेंस ने आसमान में उड़ रहे एक संदिग्ध ड्रोन को निशाना बनाया। मलबे की जांच के बाद ईरान ने दावा किया कि यह ड्रोन चीन का बना हुआ है और इसे पड़ोसी देशों की मदद से संचालित किया जा रहा था।
घटना की मुख्य जानकारी और जांच रिपोर्ट
- यह ड्रोन शिराज शहर के दक्षिणी इलाके में गुरुवार के दिन मार गिराया गया था।
- ईरान ने पहले इसे अमेरिका का MQ-9 Reaper ड्रोन समझा था क्योंकि यह दिखने में काफी हद तक वैसा ही है।
- जांच में इसके मलबे से पुष्टि हुई कि यह चीन की कंपनी Chengdu Aircraft Corporation द्वारा बनाया गया Wing Loong II है।
- ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सोशल मीडिया पर मलबे की तस्वीरें साझा कर पड़ोसी देशों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
किन देशों पर उठ रहे हैं सवाल?
ईरान ने इस मामले में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से स्पष्टीकरण मांगा है क्योंकि ये दोनों देश विंग लूंग II ड्रोन के जाने-माने उपयोगकर्ता हैं। ईरान का कहना है कि यह ड्रोन किसी पड़ोसी देश की जमीन से उड़ा होगा और इसमें अमेरिका या इसराइल की मिलीभगत हो सकती है। फिलहाल सऊदी अरब और UAE की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चीन भी इस घटना से काफी चिंतित है क्योंकि इससे उसके ड्रोनों के ग्लोबल मार्केट और छवि पर असर पड़ सकता है।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| ड्रोन का मॉडल | Wing Loong II (चीन में निर्मित) |
| घटना की तारीख | 4 अप्रैल, 2026 |
| गिराने का स्थान | शिराज, दक्षिणी ईरान |
| आरोपी देश | सऊदी अरब और UAE से मांगा गया जवाब |
इस घटना ने उन चर्चाओं को हवा दे दी है कि क्या खाड़ी देश अब ईरानी हवाई क्षेत्र के भीतर सीधी निगरानी या टोही अभियान चला रहे हैं। मलबे की जांच के बाद चीन की चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि यह ड्रोन अमेरिकी रीपर ड्रोन का एक सस्ता विकल्प माना जाता है।




