ईरान ने अमेरिका के रेस्क्यू ऑपरेशन को बताया बड़ी हार, ट्रंप बोले सुरक्षित बचा लिया गया अपना जवान
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से काफी बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया है कि दक्षिणी इस्फहान में अमेरिकी सेना को कड़वी हार का सामना करना पड़ा है। यह प्रतिक्रिया तब आई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपने लापता पायलट को सुरक्षित बचाने की जानकारी साझा की। ईरान का मानना है कि अमेरिका अपनी हार को छिपाने की कोशिश कर रहा है जबकि अमेरिका इसे एक बड़ी जीत बता रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन पर ईरान और अमेरिका के बीच क्या है विवाद?
ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोलफगारी ने कहा कि अमेरिका के लिए यह एक अपमानजनक समय रहा है। ईरान का दावा है कि उन्होंने अपने नए और आधुनिक डिफेंस सिस्टम से अमेरिकी F-15 विमान को मार गिराया था। ईरान की मीडिया ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने वालों के लिए बड़े इनाम की भी घोषणा की थी। दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने अपने विशेष बलों के जरिए एक बड़ा अभियान चलाया और अपने क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
- F-15 विमान को 3 अप्रैल 2026 को मार गिराया गया था
- 5 अप्रैल की सुबह दूसरे क्रू मेंबर को रेस्क्यू किया गया
- बचाए गए अधिकारी को इलाज के लिए कुवैत भेजा गया है
- ईरान ने दावा किया कि उसने एक अमेरिकी A-10 विमान को भी मार गिराया है
ट्रंप ने रेस्क्यू मिशन के बारे में क्या मुख्य बातें बताईं?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी बचाव कार्यों में से एक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि लापता कर्नल अब पूरी तरह सुरक्षित और ठीक हैं। ट्रंप के अनुसार इस पूरे ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि बचाव कार्य में दर्जनों विमानों और विशेष सैन्य टुकड़ियों ने हिस्सा लिया था और मिशन को राष्ट्रपति के आदेश पर पूरा किया गया।
| तारीख | घटना का विवरण |
|---|---|
| 3 अप्रैल 2026 | ईरान ने अमेरिकी F-15 जेट को गिराने का दावा किया |
| 5 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने दूसरे पायलट को सुरक्षित निकाला |
| 5 अप्रैल 2026 | ईरान ने अमेरिकी मिशन को हार करार दिया |




