ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात, ट्रंप ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, खाड़ी देशों में बढ़ा खतरा
मिडल ईस्ट में तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने साफ़ लफ़्ज़ों में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इसराइल के साथ तनातनी कम नहीं हुई, तो पूरा क्षेत्र नर्क बन जाएगा। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को महज़ 48 घंटे की मोहलत देते हुए डील करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को कहा है। इस तनाव की वजह से कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में भी हमलों की ख़बरें आ रही हैं, जिससे वहां रह रहे प्रवासियों में डर का माहौल है।
इन बड़े हमलों से दहला इलाका
- कुवैत पर ड्रोन हमला: कुवैत के शुवैक तेल सेक्टर में ड्रोन हमलों से काफ़ी नुकसान हुआ है और बिजली पैदा करने वाली दो यूनिट बंद करनी पड़ी हैं।
- बहरीन में आगजनी: बहरीन की कंपनी Bapco Energies के स्टोरेज टैंक में ईरानी ड्रोन की वजह से भीषण आग लग गई है।
- न्यूक्लियर प्लांट का खतरा: Bushehr न्यूक्लियर प्लांट के पास हुए हमले में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हुई है और वहां रेडिएशन फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
- इसराइल पर मिसाइलें: ईरान और हूती विद्रोहियों ने मिलकर इसराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं।
- अमेरिकी पायलट का रेस्क्यू: अमेरिका ने अपने एक और लापता पायलट को ईरान से सुरक्षित निकाल लिया है, जिसका F-15E विमान पहले मार गिराया गया था।
आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या हैं संकेत
ईरान के कमांडर अली अब्दुल्लाही ने कहा है कि अगर हमला हुआ तो वे अमेरिका और इसराइल के सभी ठिकानों को तबाह कर देंगे। इस स्थिति का सीधा असर कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय कामगारों पर पड़ सकता है। तेल के ठिकानों और बिजली घरों पर हमलों से रोज़मर्रा की चीज़ें प्रभावित हो सकती हैं। सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी Planet Labs ने भी अमेरिका के कहने पर इस इलाके की तस्वीरें दिखाना बंद कर दिया है ताकि सुरक्षा बनी रहे। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर ध्यान दें और सतर्क रहें।




