अमेरिका के कहने पर Planet Labs ने लिया बड़ा फैसला, ईरान और मिडिल ईस्ट की सैटेलाइट तस्वीरों पर लगाई पूरी तरह रोक.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी पाबंदी लगा दी गई है। सैटेलाइट इमेज देने वाली मशहूर कंपनी Planet Labs ने अब ईरान और पूरे मिडिल ईस्ट की तस्वीरें दिखाने पर रोक लगा दी है। यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस अनुरोध के बाद आया है जिसमें सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया था। प्रवासियों और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इसका सीधा संबंध क्षेत्र की सुरक्षा और चल रहे सैन्य हालात से है।
सैकड़ों सैटेलाइट तस्वीरों पर रोक क्यों लगाई गई?
अमेरिकी सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि कोई भी विरोधी गुट या देश कमर्शियल सैटेलाइट डेटा का गलत इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए न कर सके। अक्सर इन तस्वीरों के जरिए ठिकानों की पहचान करने या मिसाइल ट्रैक करने में मदद मिल जाती है। अब Planet Labs ने साफ किया है कि वे तस्वीरों को केवल खास और बहुत जरूरी मामलों में ही जारी करेंगे। कंपनी अब मैनेज्ड डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल पर काम करेगी ताकि केवल जनहित या मिशन क्रिटिकल जानकारी ही साझा की जा सके। पेंटागन ने इस मामले में खुफिया जानकारी से जुड़े होने के कारण सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
किन-किन देशों और इलाकों पर पड़ेगा इसका असर?
यह पाबंदी ईरान के साथ-साथ गल्फ देशों और उन सभी सक्रिय युद्ध क्षेत्रों पर लागू होगी जहाँ अभी तनाव की स्थिति बनी हुई है। इससे जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
- यह नियम 9 मार्च 2026 से ली गई सभी तस्वीरों पर लागू माना जाएगा।
- यह पाबंदी तब तक जारी रहने की उम्मीद है जब तक क्षेत्र में चल रहा संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।
- Planet Labs के अलावा Vantor जैसी अन्य कंपनियों ने भी अपने एक्सेस कंट्रोल कड़े कर दिए हैं।
- इस फैसले का असर ईरान, सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों की निगरानी पर पड़ेगा।
- अमेरिकी कानून के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐसी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार सरकार के पास है।
Planet Labs ने बताया कि यह फैसला 5 अप्रैल 2026 को आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किया गया है। इससे पहले मार्च में भी तस्वीरों को जारी करने में देरी की गई थी, जिसे अब अनिश्चित काल के लिए पूरी तरह रोक में बदल दिया गया है।




