ईरान ने अमेरिका और इसराइल को दी चेतावनी, परमाणु ठिकानों पर हमले से क्षेत्र में फैल सकता है रेडिएशन.
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका और इसराइल को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हो रहे हमले पूरी दुनिया और खासकर पड़ोसियों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। इन हमलों की वजह से निकलने वाला रेडिएशन केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर मानवीय और पर्यावरणीय संकट पैदा होगा। यह चेतावनी संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को लिखे एक आधिकारिक पत्र में दी गई है।
परमाणु ठिकानों पर हमलों से क्या होगा नुकसान?
ईरानी विदेश मंत्री के मुताबिक, अमेरिका और इसराइल द्वारा परमाणु केंद्रों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि अगर इन ठिकानों से रेडियोधर्मी तत्व लीक होते हैं, तो इसका असर आने वाली कई पीढ़ियों तक रहेगा। अंतरराष्ट्रीय कानून और IAEA के नियम भी कहते हैं कि परमाणु सुविधाओं पर कभी हमला नहीं होना चाहिए। इस पत्र में दुनिया के देशों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए हैं और कहा गया है कि ऐसी चुप्पी हमलावरों को और बढ़ावा दे रही है।
ईरान में हुए हालिया हमलों का पूरा विवरण
फरवरी के अंत से शुरू हुए इस संघर्ष में ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में अब तक 1,340 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। नीचे दी गई टेबल में हाल के दिनों में हुए प्रमुख हमलों की जानकारी दी गई है:
| तारीख | स्थान | घटना का विवरण |
|---|---|---|
| 1 मार्च, 2026 | Natanz परमाणु सुविधा | दो अलग-अलग हमले किए गए। |
| 27 मार्च, 2026 | Shahid Ahmadi Roshan साइट | यूरेनियम प्रोसेसिंग साइट पर बमबारी हुई। |
| 5 अप्रैल, 2026 | Bushehr परमाणु प्लांट | हवाई हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई। |
IAEA के महानिदेशक Rafael Grossi और रेड क्रॉस (ICRC) की अध्यक्ष ने भी इन हमलों पर गहरी चिंता जताई है। रेड क्रॉस का कहना है कि बुनियादी ढांचे पर हमला असल में आम नागरिकों पर हमला है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने भी पिछले साल ही चेतावनी दी थी कि ऐसे हमले मानवाधिकारों और किसी देश की संप्रभुता का उल्लंघन हैं। अभी के हालात में क्षेत्र में तनाव चरम पर है और लोग संभावित रेडिएशन के खतरे से डरे हुए हैं।




