Saudi Arabia Trade Update: क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब से पड़ोसी देशों को भेजे गए 1.66 लाख ट्रक, सप्लाई बढ़ाने के लिए बदले नियम
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद सऊदी अरब ने अपने पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूती से जारी रखा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब से कुल 1,66,000 ट्रक सामान लेकर पड़ोसी देशों की सीमाओं के लिए रवाना हुए हैं। इसमें यूएई, कुवैत, कतर और जॉर्डन जैसे देश शामिल हैं। सऊदी सरकार की कोशिश है कि क्षेत्रीय तनाव के दौरान भी जरूरी सामानों की सप्लाई चेन प्रभावित न हो और सामान समय पर पहुंच सके।
किस देश में कितने ट्रक सामान लेकर पहुंचे?
सऊदी अरब से निकलने वाले ट्रकों की संख्या अलग-अलग सीमाओं पर दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यूएई के लिए सबसे ज्यादा ट्रक रवाना हुए हैं। सामान की इस आवाजाही में खाने-पीने की चीजें और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। नीचे दी गई टेबल में देशों के हिसाब से ट्रकों की संख्या बताई गई है:
| पड़ोसी देश का नाम | ट्रकों की संख्या |
|---|---|
| संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | 60,000 |
| कुवैत (Kuwait) | 25,000 |
| जॉर्डन (Jordan) | 24,500 |
| कतर (Qatar) | 17,000 |
| बहरीन (Bahrain) | 9,500 |
| इराक (Iraq) | 6,000 |
सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
सऊदी अरब की Transport General Authority (TGA) ने ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए कई नए नियमों का ऐलान किया है। इन नियमों का मकसद व्यापार को आसान बनाना और चुनौतियों का सामना करना है। अधिकारियों ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं जो इस प्रकार हैं:
- सऊदी अरब में ट्रकों की ऑपरेशनल उम्र को बढ़ाकर 22 साल कर दिया गया है।
- GCC देशों से आने वाले खाली रेफ्रिजेरेटेड ट्रकों को सऊदी में प्रवेश की अनुमति दी गई है ताकि वे सामान ले जा सकें।
- दम्मम के किंग अब्दुलअजीज पोर्ट पर सामान रखने की फीस में 60 दिनों तक की छूट दी गई है।
- सऊदी Zakat, Tax and Customs Authority (ZATCA) और TGA सीमा शुल्क बंदरगाहों पर ट्रकों की आवाजाही की निगरानी कर रहे हैं।
- क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ाने के लिए जेद्दा इस्लामिक पोर्ट जैसे बंदरगाहों पर कंटेनर गलियारों का विस्तार किया जा रहा है।
क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव के कारण मार्च के महीने में गैर-तेल निजी क्षेत्र की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी गई है। रियाद बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री के अनुसार, यह गिरावट शॉर्ट-टर्म अनिश्चितता की वजह से है। हालांकि, सऊदी अरब लगातार समुद्री और सड़क मार्गों के जरिए व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रहा है।




