UAE ने हवा में गिराईं 50 ड्रोन और 10 मिसाइलें, ईरान के हमले से दहला इलाका, सुरक्षा अलर्ट जारी.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा प्रणालियों ने एक बार फिर बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. 5 अप्रैल 2026 को देश के आसमान में ईरान की ओर से आए कई ड्रोन और मिसाइलों को ट्रैक किया गया. रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके आधुनिक डिफेंस सिस्टम ने इन सभी खतरों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया. इस घटना के बाद पूरे देश में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है.
हमले के दौरान क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 5 अप्रैल को कुल 9 बैलिस्टिक मिसाइलें, एक क्रूज मिसाइल और 50 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया. अबू धाबी के Borouge पेट्रोकेमिकल प्लांट में इंटरसेप्शन के दौरान गिरने वाले मलबे की वजह से आग लग गई, जिसके कारण वहां काम रोक दिया गया है. गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. सरकार ने स्पष्ट किया है कि एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सक्रिय है और देश की सुरक्षा के लिए हर पल तैयार है. देश के विभिन्न हिस्सों में सुनाई देने वाली धमाकों की आवाजें असल में इन मिसाइलों को हवा में मार गिराने की थी.
28 फरवरी से अब तक का पूरा विवरण
जब से यह क्षेत्रीय तनाव शुरू हुआ है, तब से UAE पर लगातार हमले की कोशिशें हो रही हैं. इन हमलों का सीधा असर वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है. इस संघर्ष में अब तक भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों के नागरिकों सहित 10 लोगों की मौत हुई है और 217 लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी गिरते हुए मलबे के पास न जाएं और केवल आधिकारिक चैनलों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें.
| वस्तु का नाम | 28 फरवरी से अब तक की कुल संख्या |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइलें | 507 |
| क्रूज मिसाइलें | 24 |
| ड्रोन (UAVs) | 2,191 |
NCEMA और मंत्रालय की जरूरी सलाह
नेशनल इमरजेंसी एंड क्राइसिस मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने जनता के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा है कि हमले की स्थिति में लोग अपने घरों या सुरक्षित इमारतों के अंदर ही रहें. सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचने और केवल मंत्रालय के आधिकारिक ‘X’ हैंडल या न्यूज बुलेटिन को देखने की सलाह दी गई है. सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन जैसे पड़ोसी देश भी इसी तरह के खतरों का सामना कर रहे हैं, जिससे पूरे गल्फ क्षेत्र में तनाव बना हुआ है.




