UAE और Bahrain में Amazon डेटा सेंटर पर बड़ा हमला, कई सेवाएं पूरी तरह बंद, ईरान ने दी 18 कंपनियों को चेतावनी.
खाड़ी देशों में तनाव के बीच अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) के डेटा सेंटर्स पर ईरान की तरफ से बड़े हमले हुए हैं। दुबई और बहरीन में मौजूद इन सेंटर्स को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया गया है। अमेज़न ने आधिकारिक तौर पर कई ज़ोन को ‘हार्ड डाउन’ घोषित कर दिया है, जिसका मतलब है कि वहां की सेवाएं पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। इस स्थिति से खाड़ी में रहने वाले भारतीयों के लिए डिजिटल सेवाओं, बैंकिंग और ऑनलाइन ऐप्स के इस्तेमाल में दिक्कतें आ सकती हैं।
अमेज़न सेंटर्स पर हमले और नुकसान की पूरी जानकारी
मार्च की शुरुआत से ही ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। 1 मार्च को दुबई में दो और बहरीन में एक कमर्शियल डेटा सेंटर पर ड्रोन गिरे। अमेज़न ने पुष्टि की है कि इन हमलों से इमारतों को संरचनात्मक नुकसान हुआ है और बिजली की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। आग बुझाने के दौरान पानी के इस्तेमाल से मशीनों को और ज़्यादा नुकसान पहुंचा है। कंपनी के आंतरिक मेमो के अनुसार, दुबई और बहरीन के ये सेंटर कब तक ठीक होंगे, इसकी अभी कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।
ईरान की तरफ से किन कंपनियों को मिली है धमकी?
ईरान के सरकारी मीडिया ने घोषणा की है कि वे अमेरिका की बड़ी तकनीकी कंपनियों को अपना निशाना बनाएंगे। ईरान ने चेतावनी दी है कि वे हर हत्या का बदला इन कंपनियों के यूनिट्स को तबाह करके लेंगे। हमले की जद में आने वाली मुख्य कंपनियां इस प्रकार हैं:
- टेक दिग्गज: Microsoft, Google, Apple, Meta, और Oracle
- हार्डवेयर और चिप्स: Intel, HP, IBM, Cisco, Dell, और Nvidia
- अन्य: Palantir जैसी डेटा कंपनियां भी ईरान की रडार पर हैं
2 अप्रैल को दुबई में ओरेकल (Oracle) के डेटा सेंटर पर भी हमला होने की खबर आई है। अमेरिका ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि वे अगले दो से तीन हफ्तों में इसका कड़ा जवाब देंगे।
इन हमलों से आम जनता और कारोबार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इन हमलों का असर सिर्फ इंटरनेट तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सप्लाई चेन भी प्रभावित हो रही है। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे इस संघर्ष की वजह से तेल और उसके उत्पादों के साथ-साथ एल्युमीनियम, हीलियम और एलएनजी की सप्लाई पर भी असर पड़ा है। अमेज़न ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपना ज़रूरी डेटा और काम दूसरे सुरक्षित रीज़न में ट्रांसफर कर लें क्योंकि बहरीन और दुबई में स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है।
| प्रभावित क्षेत्र | मुख्य समस्या |
|---|---|
| डिजिटल सेवाएं | Banking Apps और Website का धीमा होना या बंद होना |
| डेटा सेंटर | दुबई और बहरीन में बिजली और हार्डवेयर का नुकसान |
| सप्लाई चेन | सेमीकंडक्टर बनाने के लिए ज़रूरी गैसों की किल्लत |
| प्रवासी भारतीय | ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और संचार सेवाओं में रुकावट |




