ईरान ने खाड़ी देशों पर दागी मिसाइलें और ड्रोन, कुवैत और UAE के पावर प्लांट पर हुआ हमला, कई जगह लगी भीषण आग.
खाड़ी के देशों में पिछले 48 घंटों में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है. 5 अप्रैल 2026 को ईरान की ओर से कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से बड़े हमले किए गए हैं. इन हमलों में मुख्य रूप से बिजली घरों, पानी के प्लांट और तेल कंपनियों को निशाना बनाया गया है. कुवैत और UAE में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह खबर काफी अहम है क्योंकि हमले औद्योगिक और रिहायशी इलाकों के करीब हुए हैं.
हमलों में कहां-कहां हुआ है नुकसान
ईरान की ओर से किए गए हमलों में कई देशों के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. कुवैत, UAE और बहरीन की सरकारों ने अपने नुकसान की जानकारी साझा की है.
| देश | प्रभावित जगह और नुकसान |
|---|---|
| कुवैत | शुआइख तेल सेक्टर परिसर में आग, दो बिजली संयंत्र और पानी के प्लांट को भारी नुकसान. |
| UAE | एल्युमीनियम उद्योग और पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री को निशाना बनाया गया. |
| बहरीन | बापको एनर्जीज के स्टोरेज टैंक में ड्रोन हमले के बाद लगी आग. |
| सऊदी अरब | शायबाह तेल क्षेत्र की ओर आते ड्रोन और मिसाइल को सेना ने हवा में ही नष्ट किया. |
सेना और सरकारों ने क्या कदम उठाए हैं
हमलों के बाद सभी प्रभावित देशों की सेनाएं अलर्ट पर हैं और जवाबी कार्रवाई कर रही हैं. खाड़ी देशों के रक्षा मंत्रालयों ने अपने नागरिकों और प्रवासियों को सतर्क रहने को कहा है.
- UAE रक्षा मंत्रालय: मंत्रालय ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हैं और ईरान से आने वाले मिसाइल खतरों को लगातार नाकाम किया जा रहा है.
- कुवैत सरकार: कुवैती सेना ने कन्फर्म किया कि आसमान में सुनाई देने वाले धमाके मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की वजह से हो रहे हैं. मंत्रालयों के परिसर पर भी ड्रोन हमले हुए हैं.
- ईरान का बयान: ईरानी सेना और IRGC ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है. उनका कहना है कि वे सैन्य और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं.
- अमेरिका की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार तक स्थिति सामान्य न होने पर और कड़े कदम उठाने की धमकी दी है.
इन हमलों के कारण तेल रिफाइनरियों और बिजली संयंत्रों में काम रुकने की खबरें हैं. कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने बताया कि उनके मुख्यालय में ड्रोन हमले की वजह से काफी संपत्ति का नुकसान हुआ है, हालांकि किसी की जान जाने की खबर अभी तक नहीं मिली है. खाड़ी के हवाई क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि विमानों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे.




