ट्रंप ने ईरान को दिया 48 घंटे का समय, बोले बिजली घर और पुलों को करेंगे तबाह, बाज़ार में मची भारी हलचल.
खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को मंगलवार तक नहीं खोला गया, तो अमेरिकी सेना ईरान के बिजली घरों और पुलों पर बड़े हमले करेगी। अर्थशास्त्री जेम्स मिडवे के मुताबिक ट्रंप की इन धमकियों के पीछे कोई ठोस योजना नहीं दिख रही है, जिससे एशिया और यूरोप के बाज़ारों में डर का माहौल बना हुआ है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया है कि ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को रोकने के लिए दिया गया 10 दिनों का समय 6 अप्रैल को खत्म हो रहा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए 48 घंटे की समयसीमा तय की है। इसके जवाब में ईरान ने भी धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने उनके बिजली घरों पर हमला किया, तो वे हॉर्मुज़ के समुद्री रास्ते को पूरी तरह से बंद कर देंगे। ओमान और ईरान के बीच इस रास्ते को चालू रखने के लिए बातचीत भी चल रही है, लेकिन फिलहाल कोई समाधान नहीं निकला है।
कुवैत और वैश्विक बाज़ार पर पड़ा असर
पिछले 24 घंटों में युद्ध का असर पड़ोसी देशों पर भी दिखने लगा है। ईरानी ड्रोन हमलों ने कुवैत की तेल संपत्तियों और बिजली घरों को काफी नुकसान पहुँचाया है। बाज़ार की स्थिति को समझने के लिए नीचे दी गई जानकारी देखें:
| क्षेत्र | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| कुवैत | कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के ठिकानों पर ड्रोन हमलों से भारी नुकसान हुआ है। |
| वैश्विक बाज़ार | सप्लाई बाधित होने से एशिया और यूरोप के बाज़ारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। |
| अमेरिका | अमेरिकी सरकार के निर्देश पर सैटेलाइट कंपनी Planet Labs ने युद्ध की तस्वीरें दिखाना बंद कर दिया है। |
| ब्रिटेन | ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने ईरान पर वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। |
प्रवासियों और तेल सप्लाई पर क्या होगा असर?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य कामगारों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। हॉर्मुज़ के रास्ते से ही दुनिया का ज़्यादातर तेल और गैस सप्लाई होता है। अगर यह रास्ता पूरी तरह बंद होता है, तो खाड़ी देशों में सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं और विमान सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। इटली के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा यूरोप के लिए बहुत ज़रूरी है। फिलहाल अमेरिकी सेना और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और अगले 48 घंटे बहुत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।




