Lebanon War Update: टायर शहर के पास इसराइल का भीषण हवाई हमला, मासूम बच्चों समेत कई लोगों की मौत, भारी तबाही का मंजर.
लेबनान के दक्षिणी हिस्से में टायर शहर के पास इसराइल ने भीषण हवाई हमला किया है। 5 अप्रैल 2026 को हुए इस हमले में मासूम बच्चों समेत कई लोगों की जान चली गई है। टायर के पास कफ़र हट्टा और मारका जैसे इलाकों को निशाना बनाया गया है जिससे वहां भारी तबाही हुई है। इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच चल रही इस जंग ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है और आम नागरिक इसकी सबसे ज्यादा चपेट में आ रहे हैं।
हमले में कितना हुआ नुकसान और कितने लोग मारे गए?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक टायर के पास कफ़र हट्टा में हुए हमले में एक ही परिवार के छह सदस्यों समेत कुल सात लोगों की मौत हुई है। इसमें एक 4 साल की बच्ची भी शामिल है। इसके अलावा मारका में हुए हमले में 5 लोगों की जान गई है। टायर शहर में इसराइली सेना ने पहले ही खाली करने की चेतावनी दी थी जिसके बाद वहां एक 11 मंजिला इमारत को पूरी तरह से गिरा दिया गया और एक पांच मंजिला इमारत को नुकसान पहुँचा है। इस जंग में अब तक लेबनान में 1,300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं।
युद्ध के ताज़ा हालात और मुख्य घटनाएँ
| स्थान या संस्था | प्रमुख घटना की जानकारी |
|---|---|
| Kfar Hatta | हवाई हमले में परिवार के 6 सदस्यों समेत 7 की मौत हुई। |
| Tyre City | 11 मंजिला इमारत ज़मीनदोज़ हुई और रिफ्यूजी कैंप पर हमला हुआ। |
| UNIFIL | इसराइली सेना ने 17 निगरानी कैमरे तोड़े और 3 शांतिदूत घायल हुए। |
| Hezbollah | इसराइली युद्धपोत पर क्रूज मिसाइल दागने का दावा किया गया। |
| Masnaa Crossing | हमले की धमकी के बाद लेबनान-सीरिया बॉर्डर का रास्ता खाली कराया गया। |
| Lebanese Health Ministry | अब तक 54 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत की पुष्टि की गई है। |
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया आई है?
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस मौत और तबाही के सिलसिले को तुरंत रोकने की अपील की है। उन्होंने अमेरिका और इसराइल से युद्ध रोकने और ईरान से अपने पड़ोसियों पर हमले बंद करने को कहा है। लेबनान की रेड क्रॉस संस्था ने बताया है कि वे शांतिदूतों के जरिए अपनी लोकेशन इसराइल को देते हैं फिर भी उन पर हमले हो रहे हैं। वहीं लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने और ज्यादा तबाही से बचने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की बात कही है। इंडोनेशिया ने भी अपने शांतिदूतों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और संयुक्त राष्ट्र से जांच की मांग की है।




